लखनऊ में दिल दहला देने वाला हादसा: पानी से भरी बाल्टी में डूबकर छह माह के मासूम की मौत, मां की आंखों के सामने बुझ गया घर का इकलौता चिराग

Editorial
7 Min Read

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया। महज छह महीने का एक मासूम, जिसने अभी ठीक से चलना भी नहीं सीखा था, खेलते-खेलते घर में रखी पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। कुछ ही मिनटों में यह मासूम जिंदगी और मौत की जंग हार गया। जब मां ने उसे बाल्टी में देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उन हजारों घरों के लिए भी चेतावनी है, जहां छोटे बच्चे रहते हैं और घर में पानी से भरी बाल्टियां, टंकियां या खुले बर्तन लापरवाही से रखे रहते हैं।

कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं

यह हृदयविदारक घटना पीजीआई थाना क्षेत्र की सतगुरुपुरम कॉलोनी में बुधवार सुबह हुई। गोंसाईगंज-सुल्तानपुर रोड निवासी कुलदीप अपनी पत्नी शिवानी और छह माह के बेटे के साथ किराये के मकान में रहते थे। कुलदीप मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उनका बेटा परिवार की पहली संतान था।बुधवार सुबह रोज की तरह कुलदीप काम पर निकल गए। घर में मां शिवानी अकेली थीं और घरेलू कामकाज में व्यस्त हो गईं। इसी दौरान मासूम कमरे में खेल रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ मिनट परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देंगे।

खेलते-खेलते बाल्टी में जा गिरा मासूम

घर में तख्त के नीचे पानी से भरी एक बाल्टी रखी थी। खेलते-खेलते मासूम किसी तरह बाल्टी के पास पहुंच गया और संतुलन बिगड़ने से उसमें गिर पड़ा।छोटे बच्चों का सिर शरीर की तुलना में भारी होता है। ऐसे में जब वे पानी से भरे बर्तन में गिरते हैं तो खुद बाहर निकल पाना लगभग असंभव हो जाता है। यही इस मासूम के साथ भी हुआ।कुछ देर बाद जब मां की नजर बच्चे पर नहीं पड़ी तो उन्होंने पूरे कमरे में तलाश शुरू की। तभी उनकी नजर बाल्टी पर गई। अंदर अपने लाल को देखकर वह चीख पड़ीं। उनके हाथ-पांव फूल गए और वह बदहवास होकर बच्चे को बाहर निकालने लगीं।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें

मां की चीख सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर बच्चे को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।यह खबर सुनते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता कुलदीप को जैसे ही सूचना मिली, वह बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। अपने इकलौते बेटे को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय था।बाद में परिजन बच्चे के शव को लेकर गोंसाईगंज पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

रो-रोकर बेहाल हुआ परिवार

जिस घर में कुछ घंटे पहले मासूम की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ मातम पसरा था। मां शिवानी अपने बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो रही थीं। पड़ोसियों की आंखें भी नम थीं। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया।परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें कभी सपने में भी नहीं लगा था कि घर के अंदर रखी एक साधारण बाल्टी उनके बेटे की जान ले लेगी।

घर के अंदर भी हो सकते हैं बड़े हादसे

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए कुछ इंच गहरा पानी भी जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चे बेहद जिज्ञासु होते हैं और खेलते-खेलते किसी भी वस्तु के पास पहुंच जाते हैं। ऐसे में पानी से भरी बाल्टी, टब, ड्रम या खुले टैंक गंभीर खतरा बन सकते हैं।अक्सर माता-पिता को लगता है कि बच्चा घर के अंदर सुरक्षित है, लेकिन ऐसे हादसे बताते हैं कि घर के भीतर भी हर समय सतर्कता जरूरी है।

इन सावधानियों से टल सकते हैं ऐसे हादसे

विशेषज्ञ बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—

  • घर में पानी से भरी बाल्टी या टब खुला न छोड़ें।
  • उपयोग के बाद बाल्टी को तुरंत खाली कर दें या ढक्कन लगाकर रखें।
  • छोटे बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें।
  • यदि घर में शिशु है तो पानी से जुड़े सभी बर्तनों को उसकी पहुंच से दूर रखें।
  • घरेलू काम करते समय समय-समय पर बच्चे पर नजर जरूर रखें।

हर माता-पिता के लिए चेतावनी

यह हादसा बताता है कि दुर्घटना होने में केवल कुछ सेकंड लगते हैं। कई बार एक छोटी-सी लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा बन जाती है। बच्चों की सुरक्षा केवल बाहर नहीं, बल्कि घर के भीतर भी उतनी ही जरूरी है।

एक हादसा, जो हमेशा याद दिलाएगा सतर्क रहने की जरूरत

लखनऊ की यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि हर परिवार के लिए एक गंभीर संदेश है। एक पानी से भरी बाल्टी ने छह महीने के मासूम की जिंदगी छीन ली और माता-पिता की दुनिया हमेशा के लिए उजाड़ दी।आज यह परिवार अपने इकलौते बेटे की यादों के सहारे रह गया है। उनकी पीड़ा शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। ऐसे में हर अभिभावक के लिए यह जरूरी है कि वे घर में छोटे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। क्योंकि एक पल की सावधानी किसी मासूम की पूरी जिंदगी बचा सकती है, जबकि एक पल की चूक अपूरणीय दर्द बन सकती है।

read on:https://news7hindi.com/bsps-2027-election-conch-shell-from-kalpi-pledge-of-victory-echoed-in-workers-conference/

or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment