गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कुश्ती संघ के विवाद को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुश्ती संघ के चुनाव में दीपेंद्र सिंह हुड्डा को हराने के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई। बृजभूषण सिंह ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में कुछ महिला पहलवानों को उनके खिलाफ बयान देने के लिए तैयार किया गया।
- गोंडा में पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण ने लगाए गंभीर आरोप
- महादेव रेसलिंग एकेडमी का भी किया जिक्र
- महिला पहलवानों के बयानों में विरोधाभास का दावा
- जूनियर पहलवानों के नियमों में बदलाव को लेकर भी बोले
- ‘राजनीतिक आंदोलन बन गया था पहलवानों का विरोध’
- महिला पहलवानों के आरोपों पर क्या है विवाद?
- विधानसभा चुनाव को लेकर भी साधा निशाना
- क्या बोले बृजभूषण सिंह, क्यों फिर चर्चा में आया मामला?
गोंडा में पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण ने लगाए गंभीर आरोप
बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को गोंडा के विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कुश्ती संघ के चुनाव से लेकर महिला पहलवानों के आरोपों और बाद में हुए आंदोलन तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को हराने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिश शुरू हुई।पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के परिवार के राजनीतिक प्रभाव के कारण कुछ महिला पहलवानों को उनके खिलाफ बोलने के लिए तैयार किया गया। हालांकि, ये सभी बातें बृजभूषण सिंह के दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की जरूरत है।

महादेव रेसलिंग एकेडमी का भी किया जिक्र
बृजभूषण सिंह ने हरियाणा की कुश्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कई कुश्ती अकादमियां और अखाड़े हैं, लेकिन महादेव रेसलिंग एकेडमी एक परिवार से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, इस अकादमी को स्थापित करने में भूपेंद्र हुड्डा की अहम भूमिका रही है।बृजभूषण ने अदालत में सामने आए तथ्यों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि ‘एक परिवार, एक अखाड़ा’ से संबंधित अदालत का निष्कर्ष उनके कहने पर नहीं, बल्कि दो पीड़ित लड़कियों के बयानों के आधार पर सामने आया। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से उनकी कही गई कुछ बातें सही साबित हुई हैं।
महिला पहलवानों के बयानों में विरोधाभास का दावा
पूर्व भाजपा सांसद ने महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों और अलग-अलग स्तर पर दिए गए बयानों में अंतर होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति, शपथ पत्र और अदालत के सामने दिए गए बयानों में कई जगह विरोधाभास दिखाई देता है।बृजभूषण सिंह के अनुसार, हिसार और रोहतक से जुड़े कुछ पहलवानों ने बजरंग पूनिया का पता दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिन घटनाओं का आरोप लगाया गया, उस समय वह संबंधित पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे।उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कथित साजिश में करीब 42 लोग शामिल थे और कुछ उद्योगपतियों ने इसके लिए पैसा लगाया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया में उन्हें बिना स्वतंत्र पुष्टि के दुष्कर्म का आरोपी बताया गया।
जूनियर पहलवानों के नियमों में बदलाव को लेकर भी बोले
बृजभूषण सिंह ने कुश्ती के नियमों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि जूनियर पहलवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ट्रायल से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे।उनका आरोप है कि कुछ चर्चित पहलवान निर्धारित प्रक्रिया से गुजरे बिना सीधे बड़े मुकाबलों में प्रवेश चाहते थे। इसी वजह से नियमों में किए गए बदलाव का विरोध शुरू हुआ और बाद में यह मुद्दा राजनीतिक रूप लेता चला गया।बृजभूषण के मुताबिक, पहलवानों का आंदोलन बाद में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के राजनीतिक प्रभाव में आ गया। उन्होंने दावा किया कि इसका नुकसान न केवल खेल व्यवस्था को हुआ, बल्कि महिला खिलाड़ियों के करियर पर भी असर पड़ा।
‘राजनीतिक आंदोलन बन गया था पहलवानों का विरोध’
बृजभूषण सिंह ने कहा कि शुरुआत में मामला खेल व्यवस्था और कुश्ती संघ के नियमों से जुड़ा था, लेकिन बाद में आंदोलन का राजनीतिकरण हो गया। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलन का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया।उन्होंने दावा किया कि इस पूरे विवाद का असर देश की कुश्ती व्यवस्था पर पड़ा और कई महिला पहलवानों के करियर को भी नुकसान हुआ। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर संबंधित दलों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
महिला पहलवानों के आरोपों पर क्या है विवाद?
भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। वर्ष 2023 में इस मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबा आंदोलन किया था। इस दौरान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई प्रमुख पहलवान आंदोलन में शामिल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने भी मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।बाद के वर्षों में इस मामले को लेकर अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी रही। इसलिए बृजभूषण सिंह के मौजूदा दावों को उनके राजनीतिक और कानूनी संदर्भ में देखना जरूरी है। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती।
विधानसभा चुनाव को लेकर भी साधा निशाना
बृजभूषण सिंह ने बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई खास राजनीतिक ताकत नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस गठबंधन की स्थिति में समाजवादी पार्टी के सहारे चुनाव लड़ सकती है।पूर्व भाजपा सांसद ने इस बयान के जरिए विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर भी निशाना साधा। हालांकि, चुनावी समीकरण समय के साथ बदल सकते हैं और इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित दलों की रणनीति तथा गठबंधन पर निर्भर करेगी।
क्या बोले बृजभूषण सिंह, क्यों फिर चर्चा में आया मामला?
बृजभूषण सिंह के ताजा बयान के बाद कुश्ती संघ विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। उन्होंने एक तरफ अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया, वहीं दूसरी तरफ महिला पहलवानों के बयानों और आंदोलन की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।फिलहाल उनके इन आरोपों पर संबंधित महिला पहलवानों, हुड्डा परिवार और अन्य राजनीतिक दलों की ताजा प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे विवाद को समझने के लिए बृजभूषण सिंह के दावों के साथ-साथ अदालत में दर्ज तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों को भी देखना महत्वपूर्ण होगा।
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