रिपोर्ट :मो. अरशद
मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) में सत्र 2026-27 के प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चार दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ (Student Induction Programme) का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, नियमों, संसाधनों, सुविधाओं और कैंपस संस्कृति से परिचित कराते हुए उनके नए शैक्षणिक सफर की मजबूत नींव तैयार करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना और संस्थागत व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए परिवेश में स्वयं को बेहतर तरीके से ढालने और विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय की व्यवस्था और शैक्षणिक ढांचे की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तौगी ने विद्यार्थियों को तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय की संस्थागत व्यवस्था और प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराया। कुलपति डॉ. (प्रो.) वी.के. जैन ने आशीर्वचन देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें अनुशासन, मेहनत तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।डीन एकेडमिक्स डॉ. मंजुला जैन ने विश्वविद्यालय की अकादमिक संरचना और अध्ययन व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उच्च शिक्षा में नियमित अध्ययन के साथ समय प्रबंधन और अकादमिक अनुशासन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. एम.पी. सिंह ने छात्र कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर अंकित जैन ने डिजिटल माध्यमों की बढ़ती उपयोगिता और विश्वविद्यालय में डिजिटल संसाधनों के महत्व पर प्रकाश डाला।

अनुशासन और परीक्षा व्यवस्था की समझ
नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों और अनुशासन से भी परिचित कराया गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. सुशील सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन और जिम्मेदार विद्यार्थी जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी।परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशेन्द्र सक्सैना ने परीक्षा प्रणाली, परीक्षा से जुड़े नियमों और प्रक्रिया की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। डिप्टी चीफ वार्डन डॉ. रत्नेश जैन ने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित नियमों और विनियमों से अवगत कराया।अधिकारियों ने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और नियमों का पालन करते हुए सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
शिक्षण, प्लेसमेंट और खेल सुविधाओं की जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सीटीएलडी से जासमीन स्टेफेन ने Center for Teaching, Learning and Development की भूमिका और विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम विकास में इसके महत्व को समझाया।सीआरसी के संयुक्त निदेशक ने Corporate Resource Centre की गतिविधियों और विद्यार्थियों के करियर एवं रोजगार संबंधी अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय जीवन के दौरान विद्यार्थियों के लिए अकादमिक शिक्षा के साथ करियर विकास भी महत्वपूर्ण है।फिजिकल एजुकेशन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं का परिचय कराया। विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में भाग लेने और पढ़ाई के साथ अपने शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।मुख्य पुस्तकालय से डॉ. संजीव ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध संसाधनों और अध्ययन सामग्री की जानकारी दी। विभिन्न डीन और प्राचार्यों ने अपने-अपने कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और गतिविधियों के बारे में ओरिएंटेशन प्रस्तुत किया।

विश्वविद्यालय जीवन को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
‘दीक्षारंभ-2026’ के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, कॉलेज स्तर की कार्यप्रणाली, विद्यार्थी कल्याण सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों, अनुशासन, परीक्षा व्यवस्था और छात्रावास के नियमों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विश्वविद्यालय जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, पुस्तकालय, प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन और विभिन्न छात्र गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं।नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का सकारात्मक उपयोग करने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
चार दिन तक चलेगा ‘दीक्षारंभ-2026’
टीएमयू की ओर से आयोजित चार दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ में अलग-अलग दिन विभिन्न संकायों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। 18 अगस्त को नर्सिंग, फिजियोथेरेपी एवं पैरामेडिकल, 19 अगस्त को CCSIT, 20 अगस्त को TMIMT तथा 21 अगस्त को फार्मेसी, फिजिकल एजुकेशन, एजुकेशन, फाइन आर्ट्स, लॉ एंड लीगल स्टडीज, एग्रीकल्चर एवं इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण में सहज बनाना और उन्हें शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को शुरुआत से ही विश्वविद्यालय के नियमों, संसाधनों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिल रही है।
सकारात्मक शुरुआत का संदेश
पहले दिन के कार्यक्रम का समापन वोट ऑफ थैंक्स और राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।‘दीक्षारंभ-2026’ के माध्यम से टीएमयू ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ उनके विश्वविद्यालय जीवन की सकारात्मक, अनुशासित और ज्ञानवर्धक शुरुआत कराने की पहल की है। विश्वविद्यालय का यह इंडक्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक परिवेश को समझने, उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए बेहतर अवसर तलाशने में मददगार साबित हो सकता है।
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