प्रेग्नेंसी में भूलकर भी न करें ये गलती!

Editorial
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Pregnant Women Health Care: किसी भी परिवार के लिए नई जिंदगी के आने की खबर सबसे बड़ी खुशी होती है। जैसे ही घर में किसी महिला के गर्भवती होने की जानकारी मिलती है, पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने (First Trimester) सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। इस दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों की सेहत का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। सही खानपान, पर्याप्त आराम, नियमित जांच और मानसिक तनाव से दूरी एक स्वस्थ गर्भावस्था की सबसे बड़ी कुंजी है।अगर घर में नई-नई प्रेग्नेंट महिला है, तो कुछ छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर मां और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है। आइए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले डॉक्टर से कराएं जांच

गर्भावस्था की पुष्टि होते ही किसी योग्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से संपर्क करें। शुरुआती जांच के दौरान डॉक्टर मां और शिशु की स्थिति का आकलन करते हैं। इसके साथ ही आवश्यक ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य जांच कराई जाती हैं। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों और फॉलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करना बेहद जरूरी है।

2. पौष्टिक भोजन है सबसे जरूरी

गर्भवती महिला को “दो लोगों का खाना” नहीं बल्कि “दो लोगों के लिए पोषण” चाहिए। इसलिए भोजन संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए।

भोजन में शामिल करें:

  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • मौसमी फल
  • दूध और दही
  • दालें और अंकुरित अनाज
  • अंडा (यदि महिला सेवन करती हो)
  • सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और किशमिश
  • पर्याप्त मात्रा में पानी

जंक फूड, अधिक तली-भुनी चीजें, ज्यादा चीनी और अत्यधिक कैफीन से बचना चाहिए।

3. फॉलिक एसिड और आयरन की कमी न होने दें

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में फॉलिक एसिड शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास के लिए बेहद आवश्यक होता है। वहीं आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार फॉलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम की दवाइयों का नियमित सेवन करें।

4. पर्याप्त आराम करें

गर्भवती महिला को प्रतिदिन 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। दिन में भी कुछ समय आराम करना फायदेमंद होता है। अधिक देर तक खड़े रहना, भारी सामान उठाना और जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से बचना चाहिए।

5. तनाव से रखें दूर

गर्भावस्था में मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखें। गर्भवती महिला को किसी भी प्रकार का तनाव, चिंता या पारिवारिक विवाद से दूर रखें।संगीत सुनना, अच्छी किताबें पढ़ना, हल्की बातचीत करना और परिवार के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।

6. नियमित डॉक्टर चेकअप बिल्कुल न छोड़ें

हर महीने डॉक्टर द्वारा निर्धारित जांच समय पर करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच भी कराई जाती हैं। किसी भी अपॉइंटमेंट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • तेज पेट दर्द
  • अत्यधिक रक्तस्राव
  • तेज बुखार
  • लगातार उल्टियां
  • चक्कर आना
  • अचानक सूजन या तेज सिरदर्द

7. दवाइयां बिना सलाह के बिल्कुल न लें

सामान्य दर्द की गोली, एंटीबायोटिक या कोई घरेलू दवा भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए। कई दवाइयां गर्भ में पल रहे बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

8. हल्की एक्सरसाइज भी है जरूरी

यदि डॉक्टर अनुमति दें, तो रोजाना 20 से 30 मिनट टहलना या प्रेग्नेंसी योग करना लाभदायक हो सकता है। इससे शरीर सक्रिय रहता है और प्रसव के समय भी मदद मिलती है। हालांकि कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

9. स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान

गर्भावस्था के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

  • हाथों को बार-बार धोएं।
  • साफ और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • ताजा और स्वच्छ भोजन ही करें।
  • दूषित पानी या बासी भोजन से बचें।

10. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी

यदि परिवार में कोई सदस्य धूम्रपान करता है, तो गर्भवती महिला को उससे भी दूर रखें। सिगरेट का धुआं भी गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शराब और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से पूरी तरह बचना चाहिए।

11. परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

गर्भवती महिला को केवल शारीरिक ही नहीं, भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। पति और परिवार के अन्य सदस्य उसकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखें।

  • समय पर भोजन दें।
  • डॉक्टर के पास साथ जाएं।
  • सकारात्मक माहौल बनाएं।
  • अनावश्यक तनाव न दें।
  • उसकी भावनाओं को समझें।

परिवार का सहयोग गर्भावस्था को सुरक्षित और सुखद बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

12. किन चीजों से करें परहेज

गर्भावस्था के दौरान कुछ आदतों से बचना बेहद जरूरी है।

  • भारी वजन उठाना
  • लंबे समय तक भूखे रहना
  • बिना डॉक्टर सलाह के दवा लेना
  • अत्यधिक चाय या कॉफी पीना
  • धूम्रपान और शराब
  • कच्चा या अधपका भोजन खाना
  • संक्रमण वाले लोगों के संपर्क में रहना

13. सकारात्मक सोच रखें

गर्भावस्था कोई बीमारी नहीं बल्कि जीवन का सबसे खूबसूरत चरण है। इस दौरान सकारात्मक सोच, अच्छी दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होती है। परिवार का प्यार और सहयोग इस सफर को और भी आसान बना देता है।गर्भावस्था के नौ महीने मां और शिशु दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान थोड़ी-सी सावधानी भविष्य में बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। पौष्टिक आहार, नियमित जांच, पर्याप्त आराम, मानसिक शांति और डॉक्टर की सलाह का पालन एक स्वस्थ गर्भावस्था की सबसे मजबूत नींव है।

महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी, दर्द, रक्तस्राव, तेज बुखार या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी योग्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। किसी भी दवा या उपचार की शुरुआत डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

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