भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा नजरबंद

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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद दौरे के दौरान भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा को पुलिस ने उनके नवाबगंज स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। बताया गया कि गुरुवार सुबह पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष का कहना है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।पुलिस की कार्रवाई के बाद संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रमोद मिश्रा के आवास पर पहुंच गए। जिलाध्यक्ष ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपने से रोक दिया।

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पुलिस की कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी की थी।प्रमोद मिश्रा के मुताबिक, ज्ञापन में मुख्य रूप से बिजली विभाग से संबंधित समस्याओं का मुद्दा उठाया जाना था। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों और आम लोगों में कई तरह की शिकायतें हैं। इन्हीं समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने के लिए वह ज्ञापन सौंपना चाहते थे।हालांकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके नवाबगंज स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। इसके बाद वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच सके।

भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा नजरबंद
भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा नजरबंद

भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर लगाया आरोप

नजरबंद किए जाने के बाद प्रमोद मिश्रा ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसान संगठन लगातार किसानों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करता रहा है। मुख्यमंत्री के फर्रुखाबाद दौरे के दौरान भी वह बिजली विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे।जिलाध्यक्ष का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या सरकार तक जनता की समस्याएं पहुंचाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में उन्हें रोकने से किसानों की समस्याएं मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच सकीं।हालांकि पुलिस की ओर से नजरबंदी की कार्रवाई को लेकर खबर लिखे जाने तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। इसलिए पुलिस कार्रवाई के कारणों को लेकर अंतिम स्थिति प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर ज्ञापन देने की थी तैयारी

प्रमोद मिश्रा के अनुसार, बिजली विभाग में कथित भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतों को लेकर संगठन लंबे समय से आवाज उठाता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई गई थी।भाकियू स्वराज का कहना है कि किसानों के लिए बिजली एक महत्वपूर्ण जरूरत है। सिंचाई से लेकर कृषि कार्यों तक बिजली की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद अहम होती है। ऐसे में बिजली विभाग से जुड़ी किसी भी समस्या का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों पर पड़ सकता है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद किसान हित से जुड़े मुद्दों को उठाने का सिलसिला जारी रहेगा।

कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जुटी भीड़

प्रमोद मिश्रा को नजरबंद किए जाने की जानकारी मिलने के बाद भाकियू स्वराज से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए। इस दौरान संगठन के लोगों ने जिलाध्यक्ष के साथ खड़े रहने की बात कही और किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प जताया।प्रमोद मिश्रा के आवास पर मौजूद लोगों में ब्लॉक अध्यक्ष अरजीत सिंह, मानेंद्र लाला, सुनील राजपूत, संजेश राठौर, रवीश कुमार, जितेंद्र दीक्षित और मुकेश कुमार सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।कार्यकर्ताओं का कहना था कि संगठन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ज्ञापन देने की कोशिश भी इसी उद्देश्य से की जा रही थी।

किसानों की समस्याओं को लेकर आगे भी आवाज उठाने का दावा

नजरबंदी के बाद भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर आगे भी मजबूती से आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने बिजली विभाग से जुड़े मामलों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों और सरकार के सामने उठाया जाता रहेगा। संगठन का दावा है कि किसानों को बिजली, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य स्थानीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है।प्रमोद मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री तक ज्ञापन नहीं पहुंच पाने के बावजूद संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए प्रशासन से लेकर सरकार तक लगातार आवाज उठाई जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद दौरे के दौरान भाकियू स्वराज जिलाध्यक्ष को नजरबंद किए जाने का मामला अब चर्चा में है। एक ओर जहां जिलाध्यक्ष इसे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने से रोकने की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत कारण सामने आना बाकी है।ऐसे में पूरे मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल भाकियू स्वराज ने किसानों और बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाने की बात कही है।मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिलाध्यक्ष को नजरबंद किए जाने के बाद संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग से जुड़ी शिकायतों और किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।

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