फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका, लखनऊ जाने से लौटे

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे संविदा कर्मचारियों को सोमवार सुबह लखनऊ पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। फर्रुखाबाद से लखनऊ के इको गार्डन में प्रस्तावित धरने में शामिल होने जा रहे कर्मचारियों की बस को जहानगंज में पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद नाराज कर्मचारी बस से उतर आए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस और कर्मचारियों के बीच बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी वापस फर्रुखाबाद लौट गए। इस घटनाक्रम के बाद संविदा कर्मचारियों के आंदोलन और उनकी मांगों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।सोमवार सुबह करीब छह बजे फर्रुखाबाद के आवास विकास क्षेत्र में लगभग 40 से 45 संविदा कर्मचारी एकत्र हुए थे। सभी कर्मचारी बस से लखनऊ जाने के लिए रवाना हुए। उनका उद्देश्य इको गार्डन पहुंचकर नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन समेत अपनी मांगों को उठाना था।  रास्ते में जहानगंज के पास पुलिस ने बस को रोक दिया और कर्मचारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली।

फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका
फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका

जहानगंज में बस रोके जाने पर कर्मचारियों ने की नारेबाजी

लखनऊ जा रहे कर्मचारियों की बस रोके जाने के बाद मौके पर नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारी बस से नीचे उतर आए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाने लगे। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और निर्धारित धरने में शामिल होने के लिए जा रहे थे।नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग लंबे समय से संविदा कर्मचारियों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सेवाओं और कार्य के अनुरूप उन्हें उचित वेतन तथा रोजगार से जुड़ी सुरक्षा मिलनी चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन समय-समय पर धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं।जहानगंज में बस रोके जाने के बाद कर्मचारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। इसके बाद कर्मचारी वापस लौटने के लिए तैयार हो गए। थानाध्यक्ष के अनुसार, बातचीत के बाद बस फर्रुखाबाद लौट गई। इस तरह लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कर्मचारी रास्ते से ही वापस लौट आए।

फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका
फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका

यूनियन अध्यक्ष राज आर्यन अग्निहोत्री ने लगाए आरोप

संविदा कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष राज आर्यन अग्निहोत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में आयोजित धरने में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया।राज आर्यन अग्निहोत्री ने यह भी दावा किया कि रात करीब एक बजे से उनके घर पर पुलिस तैनात है और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, कर्मचारी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना चाहते हैं।घर पर पुलिस तैनात किए जाने और बाहर निकलने से रोके जाने संबंधी आरोप यूनियन अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस मामले में कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोप और पुलिस द्वारा बस रोके जाने की घटना आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गई है।

फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका
फर्रुखाबाद में संविदा कर्मचारियों को पुलिस ने रोका

सीएमओ कार्यालय पर तीन दिन तक दिया था धरना

संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर इससे पहले 8 से 10 अक्टूबर तक फर्रुखाबाद स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में धरना दिया था। इस दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन की मांग उठाई थी।धरने के बाद कर्मचारियों ने लखनऊ जाकर अपनी आवाज बुलंद करने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में सोमवार सुबह करीब 40 से 45 कर्मचारी आवास विकास क्षेत्र में एकत्र हुए और बस से रवाना हुए। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि लखनऊ पहुंचकर वे अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष रख सकेंगे, लेकिन जहानगंज में बस रोके जाने के कारण उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी।लगातार धरना देने और फिर लखनऊ जाने की तैयारी से यह स्पष्ट है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संगठन के स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियमितीकरण और वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान किया जाना जरूरी है।

नियमितीकरण और समान वेतन प्रमुख मांग

संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सेवा का नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उनकी सेवा शर्तों और वेतन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।नियमितीकरण का मुद्दा कर्मचारियों के भविष्य और रोजगार की स्थिरता से जुड़ा है। वहीं, समान काम-समान वेतन की मांग में कर्मचारी अपने काम के अनुरूप वेतन व्यवस्था की अपेक्षा कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर संगठन धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा है।कर्मचारियों के आंदोलन का अगला कदम क्या होगा, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, लखनऊ में प्रदर्शन करने की योजना और रास्ते में बस रोके जाने की घटना ने उनकी मांगों को फिर चर्चा में ला दिया है।

बातचीत के बाद सुबह करीब 10 बजे लौटी बस

जहानगंज के थानाध्यक्ष के अनुसार, कर्मचारियों से बातचीत की गई, जिसके बाद वे वापस लौटने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद बस को फर्रुखाबाद की ओर रवाना कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे बस वापस फर्रुखाबाद पहुंच गई।इस घटनाक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की, लेकिन बातचीत के बाद वे लखनऊ जाने के बजाय वापस लौट गए। कर्मचारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों और यूनियन अध्यक्ष के आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।फिलहाल संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन का मुद्दा बना हुआ है। कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं, जबकि सोमवार को लखनऊ जाने की उनकी कोशिश जहानगंज में बस रोके जाने के बाद अधूरी रह गई।

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