Farrukhabad News: 1617 किमी सड़कें दुरुस्त, 24 किमी बाकी

Editorial
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फर्रुखाबाद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। फर्रुखाबाद जिले में अब तक 1,641 किलोमीटर खोदी गई सड़कों में से 1,617 किलोमीटर का पुनर्स्थापन कराया जा चुका है। यानी विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, करीब 98.54 प्रतिशत सड़कें दुरुस्त की जा चुकी हैं। शेष 24 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम पूरा कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह अभियान एक अक्टूबर से शुरू होकर 10 नवंबर 2026 तक चलेगा। पेयजल योजनाओं के तहत गांवों तक पाइपलाइन पहुंचाने के लिए सड़कों की खुदाई की जाती है। काम पूरा होने के बाद यदि सड़क को समय पर दुरुस्त नहीं किया जाता, तो ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगह सड़क की खराब स्थिति से लोगों को रोजाना आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जल निगम ग्रामीण ने सड़क पुनर्स्थापना अभियान के तहत मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि उनके गांव में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क अब तक ठीक नहीं हुई है, तो इसकी शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के लिए जलसारथी ऐप, जल समाधान ऐप, आईजीआरएस पोर्टल और टोल फ्री नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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1,641 किलोमीटर में से 1,617 किलोमीटर सड़क की मरम्मत पूरी

जल जीवन मिशन के तहत फर्रुखाबाद जिले में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कुल 1,641 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इसमें से 1,617 किलोमीटर सड़क का पुनर्स्थापन पूरा हो चुका है। शेष 24 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराई जानी है। यह आंकड़ा बताता है कि जिले में सड़क पुनर्स्थापना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन शेष कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना भी जरूरी है। जिन गांवों में सड़क की मरम्मत लंबित है, वहां के लोगों को अभी भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों के सामने बची हुई सड़कों को तय समय में दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी है।अभियान के तहत क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार मरम्मत कराने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायतें भी संबंधित स्थानों की पहचान करने में मदद कर सकती हैं।

10 नवंबर तक चलेगा सड़क पुनर्स्थापना अभियान

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए एक अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खुदाई से प्रभावित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए। <Cite refs={[“turn439070search1″,”turn439070search3”]}/>इस अभियान का उद्देश्य केवल सड़क की ऊपरी सतह को ठीक करना नहीं, बल्कि पाइपलाइन कार्य के बाद आवागमन को सुचारु बनाने के लिए जरूरी पुनर्स्थापना कराना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को शेष काम की निगरानी करने और मरम्मत कार्य में तेजी लाने की जरूरत है।ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें लोगों के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं। इन्हीं रास्तों से लोग बाजार, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं। इसलिए सड़क की खराब स्थिति का असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ सकता है। समय पर मरम्मत होने से लोगों को आवागमन में राहत मिल सकती है।

टूटी सड़क की फोटो और वीडियो से करें शिकायत

सड़क की मरम्मत नहीं होने पर ग्रामीणों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम करने के लिए डिजिटल माध्यम भी उपलब्ध कराए गए हैं। जल निगम ग्रामीण ने जलसारथी ऐप पर सड़क पुनर्स्थापना से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की है।  यदि किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क क्षतिग्रस्त है और उसे ठीक नहीं कराया गया है, तो ग्रामीण मौके की फोटो और वीडियो अपलोड करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे संबंधित अधिकारियों तक सड़क की स्थिति की जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।शिकायत दर्ज करते समय सड़क का सही स्थान और समस्या का स्पष्ट विवरण देना उपयोगी रहेगा, ताकि संबंधित अधिकारी मौके की पहचान कर सकें। शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 पर भी करें शिकायत

जल निगम ग्रामीण ने सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 भी जारी किया है। ग्रामीण इस नंबर पर संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जल समाधान ऐप और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। इस व्यवस्था का मकसद उन ग्रामीणों को भी शिकायत का माध्यम उपलब्ध कराना है, जो मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज नहीं कर पाते। विभागीय स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई करनी होगी।ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि वे शिकायत में सड़क की स्थिति और स्थान की जानकारी स्पष्ट रूप से दें। इससे समस्या को संबंधित क्षेत्र तक पहुंचाने और मरम्मत की जरूरत पहचानने में आसानी हो सकती है।

अधिशासी अभियंता बोले—सड़कों को दुरुस्त कराना प्राथमिकता

जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता मोहम्मद कासिम हाशमी ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके गांव में कोई सड़क अब तक क्षतिग्रस्त है, तो उसकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मरम्मत की कार्रवाई कराई जा सके।उन्होंने कहा कि सड़कें ठीक होने से ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। विभाग का प्रयास है कि अभियान के दौरान शेष सड़कों की मरम्मत कराई जाए।

अब शेष 24 किलोमीटर सड़क की मरम्मत पर नजर

फर्रुखाबाद में 1,617 किलोमीटर सड़क की मरम्मत पूरी होने के बाद अब शेष 24 किलोमीटर सड़क का काम महत्वपूर्ण है। अभियान की अंतिम तारीख 10 नवंबर निर्धारित होने के कारण संबंधित विभागों को बचे हुए कार्य पर ध्यान देना होगा।ग्रामीणों की शिकायतें इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती हैं। यदि किसी गांव में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क खराब पड़ी है, तो संबंधित विभाग को समय रहते सूचना देना उपयोगी होगा। जलसारथी ऐप, जल समाधान ऐप, आईजीआरएस पोर्टल और टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के विकल्प उपलब्ध हैं।अब देखना होगा कि अभियान की निर्धारित समयसीमा तक जिले में शेष सड़कों की मरम्मत किस हद तक पूरी हो पाती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पाइपलाइन कार्य के बाद क्षतिग्रस्त रास्ते जल्द दुरुस्त होंगे और उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में राहत मिलेगी।

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