अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर से ठीक पहले सोने का भाव आज सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। आमतौर पर इस त्योहार के आसपास सोने की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आती है, लेकिन इस बार बाजार ने अलग रुख दिखाया है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में आई इस गिरावट ने खरीदारों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। खासकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में लोग अक्षय तृतीया पर खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं और यह गिरावट उनके लिए राहत भरी खबर बनकर आई है।
शहरों में सोने के ताजा भाव
18 अप्रैल की सुबह जारी दरों के अनुसार, दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,54,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु में यह कीमत करीब 1,54,190 रुपये रही।
चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा अधिक रहा, जहां 24 कैरेट गोल्ड लगभग 1,55,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड
22 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में करीब 1,41,490 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि मुंबई और कोलकाता में यह लगभग 1,41,340 रुपये रही।
वहीं, 18 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में इसका भाव करीब 1,15,755 रुपये और मुंबई-कोलकाता में लगभग 1,15,642 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
इन कीमतों में हल्की गिरावट ने ज्वेलरी खरीदने वालों को राहत दी है।

एक दिन में बड़ी गिरावट, चांदी भी सस्ती
दिल्ली के सराफा बाजार में एक दिन पहले ही सोने की कीमत में करीब 1,600 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट त्योहार से पहले बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी कमी आई है। 18 अप्रैल को चांदी का भाव करीब 2,64,900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में इसमें करीब 5,700 रुपये की गिरावट देखी गई।
यह गिरावट उन लोगों के लिए भी राहत लेकर आई है जो चांदी के आभूषण या निवेश की योजना बना रहे हैं।
क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में नरमी इसका प्रमुख कारण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का रुख थोड़ा शांत हुआ है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है।
इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। जब वैश्विक तनाव कम होता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में सोने की ओर कम आकर्षित होते हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।
अक्षय तृतीया पर खरीदारी: क्या है सही रणनीति
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा में बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना समृद्धि और खुशहाली लेकर आता है। इस बार कीमतों में आई गिरावट ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेश सोच-समझकर करना चाहिए।
- लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना सुरक्षित विकल्प है
- छोटे निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं
- ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और शुद्धता का ध्यान रखें
यूपी के बाजारों में बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश के सराफा बाजारों में अक्षय तृतीया को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लखनऊ के चौक, कानपुर के नवीन मार्केट और वाराणसी के सराफा बाजार में दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।
व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में आई गिरावट के चलते इस बार बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है। कई ज्वेलर्स आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट भी दे रहे हैं, जिससे ग्राहकों को और लाभ मिल सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक स्थिति और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेंगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तो सोने के दाम फिर से चढ़ सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल बाजार में स्थिरता और नरमी का माहौल बना हुआ है, जिससे खरीदारों को फायदा मिल रहा है।
अक्षय तृतीया से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने ग्राहकों के लिए एक अच्छा अवसर पैदा किया है। जहां एक ओर यह परंपरागत खरीदारी का समय है, वहीं दूसरी ओर बाजार की नरमी इसे और आकर्षक बना रही है।
यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपनी जरूरतों का सही आकलन जरूर करें।
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