शेयर बाजार में रत्न और आभूषण क्षेत्र की बड़ी कंपनी Rajesh Exports Limited को लेकर मचा हड़कंप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेबी द्वारा लगाए गए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों के बाद कंपनी के शेयर लगातार तीसरे दिन टूटते नजर आए और निवेशकों में भारी बेचैनी फैल गई है। पिछले तीन दिनों में ही कंपनी के शेयर करीब 14% तक गिर चुके हैं, जिससे बाजार में इसका दबाव साफ दिखाई दे रहा है। बीएसई और एनएसई दोनों ही एक्सचेंजों पर कंपनी के शेयर लोअर सर्किट में पहुंच गए। बीएसई पर शेयर करीब 4.98% गिरकर 94.50 रुपये पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर यह 93.80 रुपये तक लुढ़क गया। सेबी की कार्रवाई के बाद से ही निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रमोटर और सीईओ राजेश मेहता पर बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें कंपनी की सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग से रोक दिया। सेबी ने अपने 109 पन्नों के अंतरिम आदेश में वित्तीय अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर फंड के हेरफेर के आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने पांच वर्षों में कथित तौर पर 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का समेकित राजस्व बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया, जिसे विदेशी सहायक कंपनियों, खासकर वालकैम्बी एसए, के जरिए दिखाया गया।सेबी का कहना है कि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और उसकी सहायक कंपनी के ऑडिटेड खातों में भारी अंतर पाया गया है, जो गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। इन खुलासों के बाद बाजार में कंपनी को लेकर निगेटिव सेंटिमेंट और मजबूत हो गया है।वहीं दूसरी तरफ कंपनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। राजेश एक्सपोर्ट्स ने बयान जारी कर कहा है कि सेबी के निष्कर्ष केवल प्रारंभिक और अनुमान आधारित हैं, और अभी किसी भी तरह का अंतिम या निर्णायक फैसला सामने नहीं आया है। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि वह सभी नियमों और अनुपालन का पालन करती रही है।कुल मिलाकर सेबी की कार्रवाई के बाद Rajesh Exports Limited के शेयरों में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में बाजार की नजर अब आगे की जांच और कंपनी के जवाब पर टिकी रहेगी।
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