रिपोर्ट: मो अरशद
मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। भोजपुर थाना क्षेत्र के रानी नांगल गांव में शनिवार देर रात अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही घंटों में वर्षों की मेहनत और करोड़ों रुपये की पूंजी को राख में बदल दिया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते करीब 30 कपड़ों के गोदाम इसकी चपेट में आ गए। आग की लपटें कई फीट ऊंचाई तक उठती रहीं और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। पूरे इलाके में चीख-पुकार, अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात सामान्य थी, लेकिन अचानक एक गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक आसपास बने गोदामों तक फैल गई। गोदामों में बड़ी मात्रा में कपड़े और ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक पूरा इलाका आग की चपेट में आ चुका था।
लपटों ने निगल लिए 30 गोदाम
ग्रामीणों के मुताबिक आग इतनी तेज थी कि किसी भी गोदाम से सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका। कुछ ही देर में करीब 30 कपड़ों के गोदाम धू-धू कर जलने लगे। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई किलोमीटर दूर से भी आसमान में उठती लपटें और धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था।घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग बाल्टियों और पाइपों के सहारे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन कपड़ों के बड़े स्टॉक के कारण आग लगातार फैलती चली गई। स्थानीय लोगों की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही भोजपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को खाली कराया गया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक लगातार पानी की बौछार की।आग इतनी भीषण थी कि राहत और बचाव अभियान पूरी रात चलता रहा। दमकल कर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार तेज हवाओं के कारण आग दोबारा भड़क उठी, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई। आखिरकार घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आसपास के मकानों तक पहुंची आग
भीषण आग केवल गोदामों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी चपेट में आसपास बने कई मकान भी आ गए। लोगों ने समय रहते अपने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पूरे गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। समय रहते लोगों के बाहर निकल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
गोदाम स्वामियों के अनुसार इस अग्निकांड में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। गोदामों में तैयार कपड़े, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। व्यापारियों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा पूंजी एक ही रात में खत्म हो गई।पीड़ितों का कहना है कि वे पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई परिवारों की आजीविका इन्हीं गोदामों पर निर्भर थी। अब उनके सामने रोज़गार का भी संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ितों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
आग से प्रभावित व्यापारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा राज्य सरकार से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि बिना सरकारी मदद के दोबारा कारोबार शुरू करना लगभग असंभव है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की अपील की है।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आग किन कारणों से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।प्रशासन की टीम नुकसान का विस्तृत सर्वे कर रही है और फायर विभाग भी आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।
ग्राम प्रधान ने की सहायता की मांग
ग्राम प्रधान नवाब अली ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे गांव के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों और व्यापारियों को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और हरसंभव राहत उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का सब कुछ जल गया है, उन्हें दोबारा खड़ा करने के लिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ आगे आना चाहिए।
प्रशासन जुटा नुकसान के आकलन में
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग की टीमें पूरे मामले की जांच और नुकसान के आकलन में जुटी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर गोदामों और औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन करीब 30 गोदामों का जलकर राख होना और दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान क्षेत्र के व्यापारियों के लिए किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और पीड़ितों को मिलने वाली राहत पर टिकी हुई हैं।
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