शामली जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शामली से सांसद इकरा हसन और पुलिस के बीच बातचीत का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सांसद को घर से बाहर जाने से रोकने को लेकर पुलिस अधिकारी और उनके बीच सवाल-जवाब होते दिखाई दे रहे हैं। सांसद ने पुलिस से उन्हें रोके जाने का कारण और संबंधित आदेश के बारे में पूछा। वहीं, पुलिस की ओर से जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उनसे फिलहाल घर पर ही रहने का अनुरोध किया गया।बातचीत के दौरान सांसद इकरा हसन ने पुलिस से सवाल किया कि जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है तो उन्हें बाहर जाने से क्यों रोका जा रहा है। पुलिस अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि सांसद ने कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उनका बाहर जाना उचित नहीं समझा जा रहा।
- ‘आप यहीं पर रुक जाइए’, कोतवाल ने किया अनुरोध
- सांसद ने पूछा- ‘मैंने कौन सा अपराध किया है?’
- जन्माष्टमी की सुरक्षा व्यवस्था का दिया गया हवाला
- ‘आपका निवेदन हमें स्वीकार नहीं’
- पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम ने भी जताई आपत्ति
- कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधि की स्वतंत्रता पर सवाल
- वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
‘आप यहीं पर रुक जाइए’, कोतवाल ने किया अनुरोध
सामने आए वीडियो में कोतवाल सुनील कुमार सांसद इकरा हसन से कहते सुनाई देते हैं कि वह फिलहाल वहीं रुक जाएं। इसके बाद सांसद ने पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्हें रोकने का क्या आदेश है और उन्हें किस आधार पर बाहर जाने से रोका जा रहा है।इकरा हसन ने पुलिस से स्पष्ट रूप से कारण बताने को कहा। उनका सवाल था कि आखिर उन्हें घर से बाहर निकलने से क्यों रोका जा रहा है और इसके पीछे क्या आदेश है।इस पर कोतवाल ने कहा कि कोई विशेष आदेश नहीं है, लेकिन फिलहाल सांसद को वहीं रुक जाना चाहिए। बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारी ने उनसे इसे निवेदन के तौर पर स्वीकार करने की अपील की।
सांसद ने पूछा- ‘मैंने कौन सा अपराध किया है?’
बातचीत उस समय और चर्चा में आ गई जब इकरा हसन ने पुलिस से पूछा कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसकी वजह से उन्हें बाहर जाने से रोका जा रहा है।सांसद के सवाल पर कोतवाल ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि जन्माष्टमी के दौरान मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनका बाहर जाना उचित नहीं है।यानी पुलिस की ओर से सांसद को किसी अपराध के आरोप में रोकने की बात नहीं कही गई, बल्कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को इसका कारण बताया गया।

जन्माष्टमी की सुरक्षा व्यवस्था का दिया गया हवाला
पुलिस और सांसद के बीच हुई बातचीत में जन्माष्टमी का मुद्दा प्रमुख रहा। कोतवाल ने कहा कि खतरे जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन त्योहार के मद्देनजर सांसद को फिलहाल घर पर ही रुकने का अनुरोध किया जा रहा है।इस पर इकरा हसन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संभव है कि वह भी किसी कार्यक्रम या त्योहार में शामिल होने के लिए बाहर जाना चाहती हों। ऐसे में केवल निवेदन के आधार पर उन्हें रोकना उचित नहीं है।सांसद और पुलिस अधिकारी के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।
‘आपका निवेदन हमें स्वीकार नहीं’
बातचीत के दौरान कोतवाल सुनील कुमार ने सांसद से बाहर न जाने का अनुरोध किया। इस पर इकरा हसन ने स्पष्ट शब्दों में अपनी असहमति जताई।सांसद ने कहा कि पुलिस का निवेदन उन्हें स्वीकार नहीं है और बाहर जाना या नहीं जाना उनकी इच्छा पर निर्भर करता है। बातचीत में दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस होती दिखाई देती है।हालांकि वीडियो में बातचीत के दौरान किसी तरह की हिंसा या शारीरिक विवाद दिखाई देने की बात सामने नहीं आई है। पूरा मामला सांसद को बाहर जाने से रोकने और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देने से जुड़ा है।
पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम ने भी जताई आपत्ति
इस दौरान पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को जिन जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए, उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।तबस्सुम बेगम ने कहा कि उनका परिवार जनता की सेवा के लिए है और वह किसी तरह के दबाव से डरने वाला नहीं है। उन्होंने पुलिस की ओर से सांसद को रोकने की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधि की स्वतंत्रता पर सवाल
इकरा हसन और पुलिस के बीच हुई इस बातचीत ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस की जिम्मेदारी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की गतिविधियों को लेकर भी स्पष्टता जरूरी होती है।इस मामले में वीडियो में पुलिस अधिकारी खुद यह कहते सुनाई देते हैं कि सांसद ने कोई अपराध नहीं किया है। ऐसे में विवाद मुख्य रूप से उन्हें बाहर जाने से रोकने के कारण और पुलिस के अनुरोध को लेकर है।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इकरा हसन की पुलिस से बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सांसद के समर्थक जहां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा सकते हैं, वहीं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पक्ष से इसे त्योहार के दौरान एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा सकता है।फिलहाल सामने आए वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने सांसद इकरा हसन से बाहर नहीं जाने का अनुरोध किया था। सांसद ने इस अनुरोध पर सवाल उठाते हुए पुलिस से आदेश और कारण बताने को कहा।इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा सांसद के उस सवाल की हो रही है, जिसमें उन्होंने पुलिस से पूछा कि “मैंने कौन सा अपराध किया है?” वहीं कोतवाल का जवाब था कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, लेकिन फिलहाल उन्हें यहीं रुकने का अनुरोध किया जा रहा है।मामले को लेकर सामने आया वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और जन्माष्टमी के दौरान शामली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
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