लखनऊ में ‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग, 111 बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान

Editorial
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लखनऊ समाज में जरूरतमंद और वंचित बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के उद्देश्य से जनजीवन कल्याण फाउंडेशन की ओर से एक विशेष पहल की गई। फाउंडेशन ने अलीगंज स्थित अनाथ आश्रम के बच्चों और कर्मचारियों के लिए निशातगंज स्थित उमराव मॉल में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की। इस दौरान कुल 111 बच्चों एवं कर्मचारियों ने फिल्म का आनंद लिया।फिल्म देखने के लिए जब बच्चे उमराव मॉल पहुंचे तो उनके बीच खासा उत्साह देखने को मिला। सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने के बाद बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कहानी का आनंद लिया। फिल्म के दौरान बच्चों के चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी और उत्सुकता ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। लंबे समय तक बच्चों के लिए यह कार्यक्रम मनोरंजन और खुशी का विशेष अवसर बना रहा।

बच्चों को मनोरंजन के साथ सकारात्मक माहौल देने की पहल

जनजीवन कल्याण फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस विशेष स्क्रीनिंग का उद्देश्य केवल बच्चों को फिल्म दिखाना नहीं था, बल्कि उन्हें सामान्य बच्चों की तरह मनोरंजन और खुशियों का अनुभव कराने के साथ एक सकारात्मक और अपनत्व भरा माहौल उपलब्ध कराना भी था।अक्सर जरूरतमंद और वंचित बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए समय-समय पर मनोरंजन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन उनके सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन की ओर से बच्चों के लिए फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों में फिल्म को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। सिनेमाघर में पहुंचने से लेकर फिल्म खत्म होने तक बच्चों ने इस विशेष अवसर का आनंद लिया। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ही कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता रही।

लखनऊ में ‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग
लखनऊ में ‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग

111 बच्चों और कर्मचारियों ने उठाया फिल्म का आनंद

विशेष स्क्रीनिंग में कुल 111 बच्चों एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अलीगंज स्थित अनाथ आश्रम से बच्चों और कर्मचारियों को कार्यक्रम में शामिल किया गया। उनके लिए फिल्म देखने की विशेष व्यवस्था की गई थी।फिल्म के दौरान बच्चों ने मनोरंजन के साथ एक सामूहिक अनुभव भी साझा किया। सिनेमाघर में एक साथ फिल्म देखने का अवसर उनके लिए सामान्य दिनों से अलग रहा। कार्यक्रम के आयोजकों ने बच्चों की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया।फाउंडेशन का कहना है कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को यह एहसास कराना है कि समाज में उनके साथ खड़े रहने वाले लोग भी मौजूद हैं। उन्हें केवल मदद की जरूरत वाले बच्चों के रूप में नहीं, बल्कि समाज के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सम्मान और अपनत्व दिया जाना जरूरी है।

गुरुप्रीत सिंह तलवार के नेतृत्व में हुआ आयोजन

कार्यक्रम का आयोजन गुरुप्रीत सिंह तलवार के नेतृत्व में किया गया। सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने वाले गुरुप्रीत सिंह तलवार इससे पहले भी जरूरतमंद लोगों की सहायता और सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान देते रहे हैं।इस आयोजन में भी उनका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों तक खुशी और सकारात्मकता पहुंचाना रहा। फिल्म स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों को कुछ समय के लिए रोजमर्रा की चिंताओं से अलग मनोरंजन का अवसर मिला।आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि सामाजिक सेवा का मतलब केवल आर्थिक या भौतिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। जरूरतमंद बच्चों को समय देना, उनके साथ खुशियां साझा करना और उन्हें समाज का हिस्सा होने का एहसास कराना भी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान

विशेष स्क्रीनिंग को सफल बनाने में आशुतोष सिंह, मुस्कान और रूही सिंह का विशेष योगदान रहा। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने बच्चों के लिए कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाने और उनकी सुविधा का ध्यान रखने में सहयोग किया।फाउंडेशन से जुड़े लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सामूहिक प्रयास से ही सफल होते हैं। जब समाज के अलग-अलग लोग सेवा की भावना के साथ आगे आते हैं तो जरूरतमंद बच्चों तक खुशियां पहुंचाना आसान हो जाता है।कार्यक्रम में शामिल बच्चों के उत्साह ने आयोजकों का भी मनोबल बढ़ाया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर आयोजन से जुड़े लोगों ने इसे अपने प्रयास की सार्थकता बताया।

बच्चों को सम्मान और अपनत्व देना जरूरी

जनजीवन कल्याण फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि समाज की खुशियां तभी सार्थक मानी जा सकती हैं, जब उनका हिस्सा उन बच्चों तक भी पहुंचे जिन्हें जीवन में अतिरिक्त स्नेह, सहयोग और देखभाल की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि वंचित बच्चों को केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें सम्मान, अपनत्व और सकारात्मक वातावरण देना भी जरूरी है। ऐसा माहौल बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने में मदद कर सकता है और उन्हें अपने भविष्य के सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है।फाउंडेशन की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जरूरतमंद बच्चों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए भी बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सेवा भावना का दिया सकारात्मक संदेश

लखनऊ में आयोजित इस विशेष फिल्म स्क्रीनिंग ने सामाजिक सेवा के एक अलग पहलू को सामने रखा। आमतौर पर जरूरतमंद बच्चों की मदद को भोजन, कपड़े, शिक्षा या आर्थिक सहयोग से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मनोरंजन और खुशियों के अवसर उपलब्ध कराना भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।‘हनुमान अंश’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों को सामूहिक रूप से फिल्म देखने और मनोरंजन करने का अवसर मिला। इस दौरान उनके चेहरों पर दिखाई दी खुशी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।जनजीवन कल्याण फाउंडेशन की यह पहल समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का संदेश देती है। एक फिल्म देखने जैसा छोटा-सा प्रयास बच्चों के लिए यादगार अनुभव बन सकता है। आयोजन ने यह भी दिखाया कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल बड़े अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और सकारात्मक प्रयासों के जरिए भी किसी के जीवन में खुशियां लाई जा सकती हैं।फाउंडेशन से जुड़े लोगों ने भविष्य में भी जरूरतमंद और वंचित बच्चों के लिए इस तरह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही। आयोजन का मुख्य संदेश यही रहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए किया गया हर प्रयास समाज को थोड़ा और संवेदनशील और बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है।

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