घर में घुसकर मारपीट का आरोप, महिला ने ACP से मांगा न्याय

Editorial
8 Min Read

लखनऊ राजधानी लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के सैदापुर गांव की रहने वाली गायत्री पत्नी राकेश ने कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने, उनके बेटे पर चाकू से हमला करने और घर से सामान निकालने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि घटना के बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस चौकी और थाने पहुंचीं, लेकिन उन्हें वहां से कथित तौर पर निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद गायत्री ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मलिहाबाद से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।महिला की शिकायत के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नजर है। गायत्री के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना किस तारीख को हुई, आरोपित कौन हैं और मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं। ऐसे में शिकायतकर्ता के आरोपों को जांच से पहले साबित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

घर में घुसकर मारपीट का आरोप
घर में घुसकर मारपीट का आरोप

घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप

गायत्री पत्नी राकेश, निवासी सैदापुर, थाना माल क्षेत्र ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके घर में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। महिला के मुताबिक, घटना के दौरान परिवार के सदस्यों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने बेटे पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप भी लगाया है।यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला घर में घुसने, मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने जैसे गंभीर पहलुओं से जुड़ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस के लिए जरूरी होता है कि वह शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के बयान दर्ज करे, घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच करे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करे। अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि महिला के बेटे को कितनी चोटें आईं, उसे अस्पताल ले जाया गया या नहीं और किसी चिकित्सकीय रिपोर्ट में चोटों का विवरण दर्ज है या नहीं। इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही घटना की गंभीरता और आगे की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

घर से सामान निकालने का भी लगाया आरोप

गायत्री ने मारपीट के साथ ही घर से सामान निकालने का आरोप भी लगाया है। शिकायत के अनुसार, घटना के दौरान उनके घर का सामान बाहर निकाले जाने की बात कही गई है। कौन-सा सामान निकाला गया, उसकी अनुमानित कीमत कितनी है और इस संबंध में कोई सूची या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।घर में घुसकर मारपीट और सामान निकालने जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने वाले कोई स्वतंत्र गवाह या अन्य साक्ष्य हैं या नहीं।अगर किसी संपत्ति या घरेलू विवाद की वजह से घटना हुई है, तो उसकी पृष्ठभूमि की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, विवाद की वजह को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच का इंतजार करना जरूरी है।

घर में घुसकर मारपीट का आरोप
घर में घुसकर मारपीट का आरोप

चौकी और थाने से भगाने का भी आरोप

महिला ने अपनी शिकायत में पुलिस चौकी और थाने से न्याय न मिलने का आरोप भी लगाया है। गायत्री का कहना है कि घटना के बाद वह अपनी शिकायत लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचीं, लेकिन उन्हें कथित तौर पर वहां से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने एसीपी मलिहाबाद से न्याय की गुहार लगाई।यह आरोप पुलिस की शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़ा करता है। हालांकि, संबंधित चौकी और थाने की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला की शिकायत पहले प्राप्त हुई थी या नहीं, उसे किस स्तर पर सुना गया और कार्रवाई में देरी होने की कोई वजह थी या नहीं।किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी पाने का अवसर मिलना चाहिए। यदि महिला की शिकायत पर पहले कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिकारियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसा क्यों हुआ और मामले में अब कौन-से कदम उठाए जाने चाहिए।

एसीपी मलिहाबाद से न्याय की गुहार

चौकी और थाने से कथित तौर पर निराश होने के बाद गायत्री ने एसीपी मलिहाबाद के सामने अपनी शिकायत रखी है। महिला ने मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि शिकायत पर संबंधित पुलिस अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और महिला को न्याय दिलाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले के तथ्यों का सत्यापन कर सकती है। इसमें शिकायतकर्ता का बयान, दूसरे पक्ष का पक्ष, घटना से संबंधित साक्ष्य और यदि उपलब्ध हों तो चिकित्सकीय दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। शिकायत में संज्ञेय अपराध के तथ्य पाए जाने पर कानून के अनुसार प्राथमिकी दर्ज करने और आगे की जांच की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।यदि महिला के बेटे पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आती है, तो उसकी चोटों और उपचार से संबंधित जानकारी भी मामले में अहम हो सकती है। साथ ही, घर से सामान निकाले जाने के आरोप की भी अलग से जांच जरूरी होगी।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी घटना की सच्चाई

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि गायत्री की शिकायत पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। महिला ने घर में घुसकर मारपीट, बेटे पर चाकू से हमला और सामान निकालने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही, उन्होंने चौकी और थाने से सहयोग नहीं मिलने की बात भी कही है। इन सभी बिंदुओं की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।मामले में आरोपित पक्ष का बयान और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने से घटनाक्रम को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए।सैदापुर निवासी गायत्री ने एसीपी मलिहाबाद से न्याय की गुहार लगाई है। अब निगाहें पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायत पर क्या कदम उठाए जाते हैं और महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं, यह आगे की आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगा।

Read on:http://लखनऊ में 24 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का अनावरण, 50 हजार पत्थरों से निर्माण

Advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

Share This Article
Leave a Comment