लखनऊ राजधानी लखनऊ में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में पहुंचकर भगवान की भव्य झांकी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस लाइन परिसर में विशेष तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। वहीं, राजधानी के विभिन्न पुलिस थानों में भी भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई गईं और जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री योगी ने किया श्रीकृष्ण झांकी का दर्शन
- 25 से ज्यादा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम
- 53 थानों में सजी भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां
- सीएम योगी ने आस्था और भारतीय संस्कृति पर क्या कहा?
- मथुरा-वृंदावन की आस्था का भी किया उल्लेख
- पुलिस विभाग ने दिखाया धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह
- सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी किए गए इंतजाम
- श्रीकृष्ण के संदेश से जुड़ा जन्माष्टमी का पर्व
- पुलिस लाइन से लेकर थानों तक दिखा जन्माष्टमी का रंग
पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री योगी ने किया श्रीकृष्ण झांकी का दर्शन
रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की सजी हुई झांकी के दर्शन किए। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।कार्यक्रम को लेकर पुलिस लाइन परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। धार्मिक वातावरण के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह की भव्यता को और बढ़ाया। आयोजन में कृष्ण भक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रखी गई थीं।

25 से ज्यादा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम
लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में जन्माष्टमी के अवसर पर 25 से अधिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई थी। इनमें कथक, भरतनाट्यम और कृष्णलीला सहित कई प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इन कार्यक्रमों के जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेश और भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई।मथुरा से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां भी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहीं। पुलिस लाइन स्थित मंदिर की सजावट और परिसर की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। जन्माष्टमी के मौके पर पुलिस परिवारों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

53 थानों में सजी भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां
लखनऊ में जन्माष्टमी का उत्सव सिर्फ पुलिस लाइन तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के 53 पुलिस थानों में भी भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई गईं। थानों में पूजा-अर्चना और जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे पुलिस विभाग के साथ-साथ पुलिस परिवारों में भी त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल बना।पुलिस थानों में आयोजित इन कार्यक्रमों में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया।
सीएम योगी ने आस्था और भारतीय संस्कृति पर क्या कहा?
जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आक्रांता मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन लोगों के मन में बसे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण तथा उनसे जुड़े मूल्यों को समाप्त नहीं कर सकते।मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश को याद करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म ऐसे समय हुआ, जब चारों ओर अंधकार था, लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश और धर्म का मार्ग दिखाया। उनका जीवन अन्याय के खिलाफ खड़े होने और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।
मथुरा-वृंदावन की आस्था का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान मथुरा और वृंदावन की धार्मिक आस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज क्षेत्र में पहुंचना लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। उनके कार्यक्रम में मथुरा, लखनऊ और गोरखपुर शामिल रहे। लखनऊ में पुलिस लाइन के आयोजन के बाद मुख्यमंत्री के गोरखपुर जाने का कार्यक्रम था।
पुलिस विभाग ने दिखाया धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह
लखनऊ पुलिस लाइन में जन्माष्टमी का आयोजन हर साल आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी पुलिस विभाग की ओर से कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए विशेष तैयारियां की गईं। मंदिर की सजावट, झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जन्माष्टमी के पर्व को खास बनाया गया।इस आयोजन की खास बात यह रही कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने भी धार्मिक उत्सव में सक्रिय भागीदारी की। ड्यूटी के साथ त्योहार की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए ऐसे आयोजन सामूहिक रूप से पर्व मनाने का अवसर भी देते हैं।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी किए गए इंतजाम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए लखनऊ पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष व्यवस्था की थी। वीवीआईपी मूवमेंट और भीड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया गया था। यह व्यवस्था कार्यक्रम के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने और लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए की गई थी।प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल के आसपास पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन पर ध्यान दिया गया।
श्रीकृष्ण के संदेश से जुड़ा जन्माष्टमी का पर्व
जन्माष्टमी सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को याद करने का अवसर भी है। श्रीकृष्ण के जीवन से कर्म, धर्म, सत्य और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जैसे संदेश जुड़े हैं। यही वजह है कि जन्माष्टमी देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है।लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में भी इसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावना की झलक देखने को मिली। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया।
पुलिस लाइन से लेकर थानों तक दिखा जन्माष्टमी का रंग
लखनऊ में इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिस लाइन से लेकर विभिन्न थानों तक धार्मिक उत्सव का माहौल नजर आया। मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया, जबकि थानों में सजी झांकियों ने स्थानीय स्तर पर लोगों को उत्सव से जोड़ा।इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि पुलिस विभाग कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी अपनी भूमिका निभाता है। जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ पुलिसकर्मियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भी भागीदारी की।लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह 2026 श्रद्धा, संस्कृति और भक्ति का भव्य संगम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण की झांकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और समारोह को संबोधित किया। वहीं, राजधानी के 53 पुलिस थानों में झांकियां सजने से जन्माष्टमी का उत्सव पुलिस विभाग के विभिन्न परिसरों तक पहुंचा।पुलिस लाइन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कृष्णलीला और अन्य प्रस्तुतियों ने समारोह को खास बनाया। मुख्यमंत्री के संबोधन में भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था का उल्लेख भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। इस तरह लखनऊ में जन्माष्टमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक पेश करता नजर आया।
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