UP Project Ganga: गांव बैठे कमाएं ₹1 लाख तक, योगी सरकार लाई बड़ा रोजगार प्लान

Editorial
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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए एक ऐसी खुशखबरी सामने आई है, जो उनके भविष्य की दिशा बदल सकती है। अब रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी धीरे-धीरे खत्म होती नजर आएगी। योगी सरकार ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (Government Assisted Network for Growth and Advancement – GANGA) के जरिए गांव-गांव हाईस्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का बड़ा अभियान शुरू किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) बनाकर उनके अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।सबसे खास बात यह है कि इस योजना के तहत एक डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर की शुरुआती मासिक आय करीब 20 हजार रुपये हो सकती है। जैसे-जैसे ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, यह आय एक लाख रुपये प्रतिमाह या उससे अधिक तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि योजना शुरू होते ही प्रदेशभर के युवाओं में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

700 से ज्यादा युवाओं ने किया आवेदन, मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

प्रोजेक्ट गंगा के पहले चरण में अब तक 700 से अधिक ग्रामीण युवाओं का चयन किया जा चुका है। इन सभी युवाओं को सात दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें हाईस्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं का संचालन, ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने और तकनीकी प्रबंधन की पूरी जानकारी दी जाएगी।प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवा अपने-अपने गांव में डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करेंगे और वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ कई जरूरी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि गांव के लोगों को भी आधुनिक डिजिटल सेवाएं घर के पास ही मिल सकेंगी।

5 लाख रुपये तक मिलेगा ब्याजमुक्त ऋण

सरकार ने इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत चयनित डिजिटल सर्विस प्रोवाइडरों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। इस राशि की मदद से युवा अपने गांव में डिजिटल सेवा केंद्र, हाईस्पीड इंटरनेट नेटवर्क और अन्य जरूरी उपकरण स्थापित कर सकेंगे।सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को शुरुआती आर्थिक सहायता मिल जाए तो वे बिना किसी बड़ी वित्तीय परेशानी के अपना डिजिटल व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

गांवों तक पहुंचेगी हाईस्पीड इंटरनेट की ताकत

प्रोजेक्ट गंगा का मुख्य उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों को पूरी तरह डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। इसके तहत ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा, ताकि गांवों को भी शहरों जैसी हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा मिल सके।इस नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कई आधुनिक सेवाओं का लाभ मिलेगा, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • टेलीमेडिसिन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श।
  • ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल क्लासरूम।
  • ई-गवर्नेंस से सरकारी योजनाओं और प्रमाणपत्रों की आसान सुविधा।
  • डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान।
  • स्मार्ट कृषि और आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी।
  • विभिन्न सरकारी और निजी डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता।

इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों के सरकारी कार्यालयों या बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

21 जिलों से हुई शुरुआत, पूरे प्रदेश तक पहुंचेगी योजना

सरकार ने फिलहाल इस परियोजना के पहले चरण में 21 जिलों को शामिल किया है। इनमें विशेष रूप से नेपाल सीमा से लगे पिछड़े जिले श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर को प्राथमिकता दी गई है।सरकार का लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों के भीतर इस योजना का विस्तार प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों तक करना है। इसके जरिए लगभग 20 लाख परिवारों को हाईस्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

महिलाओं को भी मिलेगा बराबर अवसर

प्रोजेक्ट गंगा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें महिलाओं को भी बराबरी का अवसर दिया जाएगा। सरकार ने योजना में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और डिजिटल क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का बड़ा अवसर मिलेगा।

8000 डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर होंगे तैयार

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, यह राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। परियोजना के तहत पूरे प्रदेश में 8000 डिजिटल सर्विस प्रोवाइडरों का चयन किया जाएगा। फिलहाल 700 युवाओं का चयन हो चुका है और आने वाले समय में हजारों नए युवाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति लाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। गांवों तक हाईस्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि और सरकारी सेवाओं की पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट पहुंचाने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश को डिजिटल और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का बड़ा मिशन है। यदि यह योजना तय लक्ष्य के अनुसार सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में हजारों ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इससे पलायन कम होगा, डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश के गांव विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।

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