लखनऊ गोमतीनगर में दिव्या मिश्रा हत्याकांड के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस वारदात के पीछे वजह क्या थी? पुलिस की शुरुआती जांच और सामने आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले की पृष्ठभूमि में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद, तलाक की कानूनी प्रक्रिया और आर्थिक मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। हालांकि हत्या की अंतिम वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।दिव्या मिश्रा की हत्या के बाद उनके पति मानस बाजपेई की मौत और घर में उनकी बहन की मौत ने पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बना दिया है। पुलिस अब घटना से पहले के विवाद, अदालत में चल रहे मामले, डिजिटल साक्ष्यों और परिवार के बीच तनाव की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
- करीब एक साल से चल रहा था तलाक का विवाद
- एक करोड़ रुपये की मांग का भी जिक्र
- प्रज्ञा मिश्रा ने लगाए घरेलू प्रताड़ना के आरोप
- दिव्या अलग होना चाहती थीं, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ
- कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा तनाव?
- पत्नी पर ‘धोखे’ का आरोप लगाने वाला स्टेटस
- क्या वारदात अचानक हुई या पहले से तनाव था?
- बहन की मौत ने मामले को और उलझाया
- ‘असली वजह’ अभी जांच के घेरे में
करीब एक साल से चल रहा था तलाक का विवाद
रिपोर्टों के अनुसार, दिव्या और मानस की शादी करीब एक दशक से अधिक पहले हुई थी। बाद में दोनों के वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ गया। करीब एक साल पहले दिव्या ने तलाक के लिए अदालत का रुख किया था। इसके बाद दोनों अलग-अलग रह रहे थे। दिव्या अपने काम के सिलसिले में अलग रह रही थीं, जबकि मानस अपनी बहन के साथ रहता था।यही तलाक का विवाद अब इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ियों में से एक माना जा रहा है। पुलिस को मिले कुछ दस्तावेजों से भी तलाक और स्त्रीधन से जुड़े विवाद की जानकारी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

एक करोड़ रुपये की मांग का भी जिक्र
मामले में आर्थिक विवाद का एक और पहलू सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दिव्या की ओर से तलाक की प्रक्रिया के दौरान करीब एक करोड़ रुपये के गुजारा भत्ता/आर्थिक दावे का मुद्दा उठाया गया था।बताया जा रहा है कि इसी रकम को लेकर मानस तनाव में था और वह परिवार के लोगों के सामने इसका जिक्र करता था। हालांकि, इस रकम से संबंधित दावे और उनकी कानूनी स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है।इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या केवल इसी रकम के विवाद की वजह से हुई। फिलहाल यह जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू जरूर है।
प्रज्ञा मिश्रा ने लगाए घरेलू प्रताड़ना के आरोप
दिव्या की बहन और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाए। प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या ने उन्हें अपने पति के व्यवहार और वैवाहिक जीवन में चल रहे तनाव के बारे में बताया था।प्रज्ञा ने दावा किया कि मानस छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या से विवाद करता था और कथित तौर पर घरेलू हिंसा भी करता था। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि ऑनलाइन मंगाए गए खराब टमाटर जैसी मामूली बात को लेकर भी दिव्या के साथ मारपीट की जाती थी।इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यदि इनके समर्थन में कोई साक्ष्य मिलता है तो यह मामले की पृष्ठभूमि को समझने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
दिव्या अलग होना चाहती थीं, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ
प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या कथित तौर पर इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थीं। तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी दोनों के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ था।रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले दोनों के बीच कानूनी और पारिवारिक विवाद लगातार चल रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले कुछ दिनों में दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या कोई ऐसी घटना हुई जिसने तनाव को अचानक बढ़ा दिया।
कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा तनाव?
इस मामले में अदालत की सुनवाई का भी जिक्र सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 18 अगस्त की कोर्ट कार्यवाही के बाद मानस तनाव में था। इसी अवधि में तलाक और आर्थिक दावे से जुड़े मुद्दे भी उसके सामने थे।हालांकि यह कहना कि कोर्ट की सुनवाई ही हत्या का सीधा कारण बनी, अभी सही नहीं होगा। जांच एजेंसियों को घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम और मानस की गतिविधियों को जोड़कर देखना होगा।
पत्नी पर ‘धोखे’ का आरोप लगाने वाला स्टेटस
घटना के बाद मानस के कथित व्हाट्सऐप स्टेटस ने भी जांच को नया मोड़ दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने अपनी पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था। इससे यह संकेत मिलता है कि उसके मन में पत्नी को लेकर गहरा आक्रोश या अविश्वास था।हालांकि किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप अपने आप में तथ्य साबित नहीं होते। पुलिस के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि कथित आरोपों के पीछे कोई वास्तविक आधार था या यह केवल उसकी धारणा थी।
क्या वारदात अचानक हुई या पहले से तनाव था?
जांच में यह पहलू भी अहम है कि घटना अचानक गुस्से में हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। कुछ रिपोर्टों में पुलिस जांच और सीसीटीवी के आधार पर मानस की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं और बताया गया है कि वह घटना से पहले दिव्या की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।यदि जांच में यह बात प्रमाणित होती है तो मामला अचानक हुए विवाद से आगे बढ़कर पूर्व नियोजित अपराध की दिशा में जा सकता है। लेकिन इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस को सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की पुष्टि करनी होगी।
बहन की मौत ने मामले को और उलझाया
दिव्या की हत्या के बाद मानस घर पहुंचा, जहां उसकी बहन की भी मौत हो गई और इसके बाद मानस की मौत हुई। इस घटनाक्रम ने पुलिस के सामने एक अलग सवाल खड़ा किया है कि मानस ने अपनी बहन को निशाना क्यों बनाया।रिपोर्टों के मुताबिक, मानस की बहन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। इसलिए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या मानस की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों या किसी अन्य कारण का इस घटना से संबंध था।
‘असली वजह’ अभी जांच के घेरे में
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों को जोड़ें तो लखनऊ दिव्या मिश्रा हत्याकांड की पृष्ठभूमि में सबसे प्रमुख रूप से तलाक का विवाद, आर्थिक/स्त्रीधन से जुड़े मुद्दे, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव और मानस की ओर से लगाए गए कथित आरोप सामने आते हैं।लेकिन इन सभी पहलुओं को हत्या का अंतिम कारण मानना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि इनमें से कौन-सा विवाद घटना के समय सबसे महत्वपूर्ण था और क्या किसी अन्य कारण ने भी स्थिति को गंभीर बनाया। ‘असली वजह’ का सबसे मजबूत एंगल वैवाहिक विवाद और तलाक से जुड़ा संघर्ष नजर आता है, लेकिन अंतिम सच पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
or advertisement visit our office:http://3RD FLOOR, lekhraj market, bansal Complex, Lucknow, Uttar Pradesh 226016

