मुरादाबाद मूंढापांडे में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, SDM ने लिया जायजा

Editorial
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रिपोर्ट:मो अरशद

मूंढापांडे पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थाना क्षेत्र के कई गांवों में नदी का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी खेतों तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। गांवों में पानी पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।मूंढापांडे क्षेत्र में बाढ़ के पानी की स्थिति को देखते हुए एसडीएम अभिषेक सिंह ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली। प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुरादाबाद मूंढापांडे में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
मुरादाबाद मूंढापांडे में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

गांवों में पहुंचा नदी का पानी, खेतों तक असर

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने का असर नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। इसका प्रभाव मूंढापांडे क्षेत्र के उन गांवों में दिखाई दे रहा है, जो नदी और निचले इलाकों के आसपास बसे हैं। कई स्थानों पर पानी गांवों की ओर बढ़ा है, जबकि खेतों में भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।ग्रामीणों के मुताबिक, पानी बढ़ने के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामकाज को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता किसानों की फसलों को लेकर है। खेतों में पानी जमा होने से फसल प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर जाना हाल

बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम अभिषेक सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर पानी की स्थिति और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।निरीक्षण के दौरान तहसील और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पानी के बढ़ते स्तर और गांवों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन का प्रयास है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव की व्यवस्था जल्द पहुंचाई जा सके।

तहसील और राजस्व टीम भी रही मौजूद

मौके पर तहसीलदार राजकुमार सिंह, नायब तहसीलदार आशुतोष सिंह, कानूनगो मनोज सक्सेना, लेखपाल कपिल कुमार और लेखपाल शैलेंद्र यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।इसके अलावा एडीओ देवैश कन्हैया, स्वास्थ्य प्रभारी प्रदीप दिवाकर, प्रधान प्रशासक श्याम सिंह, संजीव कुमार और अन्य स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए।प्रशासन की ओर से राजस्व और स्थानीय स्तर की टीमों को सक्रिय रखा गया है, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते सहायता दी जा सके।

आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम और PAC तैनात

बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। क्षेत्र में मेडिकल टीम और PAC को तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल मदद उपलब्ध कराना है।स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से PAC की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि नदी और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। यदि पानी का स्तर तेजी से बढ़ता दिखाई दे या किसी तरह की परेशानी सामने आती है तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें।ग्रामीणों को यह भी सलाह दी गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है।

किसानों की बढ़ी चिंता

नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ की फसलों के लिए लगातार बारिश और जलभराव नुकसान का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा तो फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।हालांकि अभी प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा और बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखना है। इसके बाद फसलों को हुए नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है।

प्रशासन की नजर जलस्तर पर

मूंढापांडे क्षेत्र में बाढ़ के पानी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बारिश और नदी के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।प्रशासन की टीमों को सक्रिय रखने के साथ ही मेडिकल टीम और PAC की तैनाती की गई है। यदि जलस्तर बढ़ता है तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत व्यवस्था शुरू करने की तैयारी भी रखी जा रही है।प्रधान अविनाश चौहान और मौके पर मौजूद अधिकारियों की बाइट में भी क्षेत्र की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों से जुड़ी जानकारी सामने आई। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में नदी का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। एसडीएम अभिषेक सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। मेडिकल टीम और PAC की तैनाती से आपात स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल सहायता मिलने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर बनी हुई है।

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