राजस्थान के जयपुर जिले के बगरू क्षेत्र में CJP (Citizens for Justice and Peace) की टीम पर कथित हमले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची टीम के साथ हुई झड़प के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रांका ने दावा किया कि टीम पर हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसे पहले से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।रांका ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल कुछ लोग घटना से एक रात पहले स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान अहम होंगे।
- CJP टीम पर हमले को लेकर रांका का बड़ा दावा
- पुलिस पर भी उठाए सवाल
- ‘पत्थरों के इस्तेमाल से गंभीर खतरे का संकेत’
- CJP ने वीडियो किए सार्वजनिक
- FIR दर्ज होने का रांका ने किया दावा
- स्कूलों की बदहाली के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
- ‘फिर स्कूलों का दौरा करेंगे’
- घटना के बाद भाजपा और CJP आमने-सामने
- जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
CJP टीम पर हमले को लेकर रांका का बड़ा दावा
आशुतोष रांका ने कहा कि बगरू में CJP की टीम स्कूलों की स्थिति देखने और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची थी। इसी दौरान टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट और हिंसा हुई।रांका का दावा है कि हमले के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है, उनकी तस्वीरें सामने आई हैं और उनमें से कुछ लोग घटना से पहले विधायक कैलाश वर्मा के साथ नजर आए थे।रांका ने कहा कि इससे उन्हें लगता है कि पूरी घटना सुनियोजित थी। हालांकि, यह आरोप अभी जांच का विषय है और पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि किया जाना बाकी है।
पुलिस पर भी उठाए सवाल
CJP प्रवक्ता ने घटना के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब टीम पर हमला हुआ, तब मौके पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी।रांका के अनुसार, घटना के दौरान पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समय पर मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले में राजस्थान पुलिस की निष्पक्षता की परीक्षा होगी।उन्होंने पुलिस से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
‘पत्थरों के इस्तेमाल से गंभीर खतरे का संकेत’
रांका ने हमले के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम पर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, जिस तरह से पत्थरबाजी की गई, उससे हमलावरों की मंशा गंभीर नुकसान पहुंचाने की हो सकती थी।हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी। फिलहाल CJP की ओर से लगाए गए आरोप और दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
CJP ने वीडियो किए सार्वजनिक
आशुतोष रांका ने बताया कि CJP ने घटना से जुड़े अपने वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं। उनका कहना है कि संगठन ने जो कुछ रिकॉर्ड किया है, उसे लोगों के सामने रखा गया है ताकि घटना की वास्तविक स्थिति समझी जा सके।उन्होंने दूसरे पक्ष से भी अपील की कि अगर उनके पास घटना से जुड़े वीडियो या अन्य सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। रांका के मुताबिक, वीडियो और अन्य साक्ष्यों से पूरे विवाद की सच्चाई सामने आने में मदद मिल सकती है।
FIR दर्ज होने का रांका ने किया दावा
रांका ने कहा कि CJP की कानूनी टीम और हमले में प्रभावित लोगों की ओर से उसी दिन शिकायत दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि मामले में FIR भी दर्ज हो चुकी है।हालांकि FIR में किन धाराओं के तहत कार्रवाई हुई है और कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी पुलिस की ओर से स्पष्ट किए जाने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।CJP प्रवक्ता ने कहा कि संगठन इस घटना से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों की स्थिति को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा।

स्कूलों की बदहाली के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आशुतोष रांका ने कहा कि CJP का मुख्य मुद्दा राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।रांका ने कहा कि अब उनका अभियान सिर्फ स्कूलों के निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने की बात कही।
‘फिर स्कूलों का दौरा करेंगे’
CJP प्रवक्ता ने कहा कि वह जल्द ही दोबारा राजस्थान के स्कूलों का दौरा करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि बगरू की घटना के बावजूद संगठन का अभियान जारी रहेगा।उनके मुताबिक, स्कूलों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी दबाव या विरोध के कारण स्कूलों की समस्याओं को उठाने का अभियान बंद नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद भाजपा और CJP आमने-सामने
बगरू में हुई घटना के बाद मामला केवल स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। CJP की ओर से पुलिस और स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के बाद अब इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।दूसरी ओर, घटना से जुड़े ग्रामीणों और अन्य पक्षों की ओर से CJP के आरोपों पर अलग दावे सामने आने की बात कही जा रही है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल बगरू में CJP टीम पर हुए कथित हमले को लेकर कई सवाल हैं। क्या हमला पहले से सुनियोजित था? क्या हमले में शामिल लोगों का किसी राजनीतिक व्यक्ति से संबंध था? घटना के समय पुलिस की भूमिका क्या रही? और क्या CJP टीम के पास मौजूद वीडियो पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट कर सकते हैं?इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।सबसे अहम बात यह है कि CJP की ओर से लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। विधायक कैलाश वर्मा या अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल विवाद का केंद्र स्कूलों की बदहाली, CJP टीम का निरीक्षण और उसके बाद हुई कथित हिंसक झड़प बना हुआ है।
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