भारत आएंगे राष्ट्रपति ट्रंप! विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा एलान, भारत-अमेरिका रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

Editorial
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अमेरिका और भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल यानी 2027 की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस ऐलान के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि यदि यह यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार होती है तो यह भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बातचीत के दौरान कहा कि ट्रंप प्रशासन अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है और इसे अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। रूबियो ने इसे भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रिश्तों का सकारात्मक संकेत बताया।रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर बेहद अच्छे संबंध हैं। उनके मुताबिक दोनों नेताओं के बीच वर्षों से बनी आपसी समझ और विश्वास ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी दो देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों में शीर्ष नेतृत्व की आपसी केमिस्ट्री अहम भूमिका निभाती है और भारत तथा अमेरिका इसका एक बड़ा उदाहरण हैं।भारत यात्रा की तैयारियों के साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक वार्ताओं को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो दोनों देशों के व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित ट्रेड डील से सूचना प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, फार्मा और विनिर्माण जैसे कई क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है।

मार्को रूबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे कई अहम मुद्दों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करना चाहता है।ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी रूबियो ने महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत और अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के चुनिंदा देशों में भारत ऐसा देश है, जिसके पास भारी कच्चे तेल को बड़े पैमाने पर रिफाइन करने की आधुनिक क्षमता मौजूद है। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और आज भारत दुनिया की प्रमुख शक्तियों में तेजी से उभर रहा है। उनके अनुसार आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को पूरी दुनिया गंभीरता से देख रही है।अगर राष्ट्रपति ट्रंप की यह यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार होती है तो यह उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले फरवरी 2020 में डोनाल्ड ट्रंप भारत आए थे। उस समय अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने लाखों लोगों की मौजूदगी में एक साथ जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन हुआ था, जिनमें रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की संभावित यात्रा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। इसकी वजह यह है कि दुनिया इस समय कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों के दौर से गुजर रही है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती सक्रियता, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा संकट और नई व्यापारिक व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर भारत और अमेरिका की साझेदारी पहले से अधिक अहम हो गई है। ऐसे में ट्रंप की भारत यात्रा केवल औपचारिक दौरा नहीं होगी, बल्कि दोनों देशों के भविष्य के संबंधों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी साबित हो सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप और मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंधों का असर दोनों देशों की नीतियों पर भी देखने को मिलता रहा है। यही कारण है कि संभावित यात्रा को लेकर भारत और अमेरिका दोनों में उत्सुकता बढ़ गई है। आने वाले महीनों में यदि यात्रा की तारीख और कार्यक्रम आधिकारिक रूप से घोषित होते हैं तो यह दौरा वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का सबसे चर्चित घटनाक्रम बन सकता है।फिलहाल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान ने इतना स्पष्ट कर दिया है कि वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों इस यात्रा को लेकर गंभीर हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा कब अंतिम रूप लेती है और इस दौरान दोनों देशों के बीच किन-किन बड़े समझौतों और रणनीतिक फैसलों पर मुहर लगती है। भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से यह यात्रा आने वाले वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

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