मासूम की चीखें और कलयुगी मां-बाप का पहरा: मेरठ में बेटी के कत्ल के बाद पुरानी हत्या के राज से भी उठा पर्दा

Editorial
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मेरठ के भावनपुर क्षेत्र स्थित गोकुलधाम सोसाइटी में 12वीं की छात्रा खुशी उर्फ खुशबू की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि छात्रा के सगे पिता कपिल और सौतेली मां पिंकी ने मिलकर अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस हत्याकांड के पीछे की क्रूरता और साजिश ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह सैनी के मुताबिक, आरोपी दंपती पिछले तीन दिनों से खुशी को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। सोमवार रात आरोपी पिता एक दुग्ध संयंत्र में अपनी ड्यूटी पर गया था। मंगलवार तड़के जब वह घर लौटा, तो उसने देखा कि सोसाइटी का सुरक्षाकर्मी सो रहा था। इसे सही मौका मानकर वह घर के भीतर दाखिल हुआ और पत्नी पिंकी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। जब खुशी गहरी नींद में सो रही थी, तब सौतेली मां पिंकी ने बेरहमी से उसके पैर पकड़ लिए और पिता कपिल उसके मुंह व गले पर तकिया रखकर बैठ गया। मासूम खुशी अपनी जान के लिए तड़पती और चीखती रही, लेकिन कलयुगी माता-पिता का दिल नहीं पसीजा। दम घुटने से मौत होने तक पिता उसके चेहरे पर तकिया दबाए बैठा रहा।

साक्ष्य मिटाने और गुमराह करने की कोशिश

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। वे खुशी के शव को कार में डालकर जागृति विहार स्थित उसके दादा के घर ले गए। वहां अन्य परिजनों को झांसे में लेकर आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पकड़े जाने के बाद भी आरोपी पिता और सौतेली मां पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। उन्होंने खुद को बचाने के लिए मृतका के चरित्र पर झूठे सवाल उठाए और मोबाइल पर बातचीत को लेकर होने वाले विवाद को हत्या की वजह बताने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे उनकी मनगढ़ंत कहानियां टिक नहीं सकीं।पुलिस जांच और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खुशी पिछले चार साल से नरक जैसा जीवन जी रही थी। चार वर्ष पहले जब सौतेली मां पिंकी ने एक बेटी को जन्म दिया, तभी से खुशी के साथ घर में दुर्व्यवहार और प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था।खुशी को पहले से था जान का खतरा: ननिहाल पक्ष के लोगों ने बताया कि खुशी ने पहले ही अपनी मौसी और अन्य रिश्तेदारों को फोन पर रोते हुए बताया था कि उसकी जान को खतरा है और उसके माता-पिता उसकी हत्या कर सकते हैं।खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि आरोपी कपिल और पिंकी उसे ननिहाल के लोगों से बात तक नहीं करने देते थे और उसका मोबाइल छीनकर रखते थे।

जागृति विहार में हंगामा और पुराने राज से उठा पर्दा

खुशी की मौत की खबर मिलते ही उसके ननिहाल पक्ष के लोग भारी संख्या में जागृति विहार पहुंचे। जब उन्होंने खुशी की अचानक हुई मौत को लेकर पिता कपिल और उसके परिजनों से तीखे सवाल किए, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की। इस हंगामे के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और परत-दर-परत सच सामने आता गया।इस मामले में एक नया और बेहद गंभीर मोड़ तब आया जब मामा भूपेंद्र शर्मा ने खुशी के पिता पर पुराना आरोप भी मढ़ दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में खुशी की सगी मां प्रीति की जो संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, वह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि कपिल द्वारा की गई हत्या ही थी। फिलहाल पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

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