लखनऊ राजधानी लखनऊ में बिजली चोरी के खिलाफ बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमौसी और लखनऊ सेंट्रल जोन में अभियान चलाकर 15 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा है। विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई है और उनके बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काट दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और किसी भी प्रकार की बिजली चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्य अभियंता राम कुमार ने बताया कि बिजली वितरण व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें कई स्थानों पर मीटर से छेड़छाड़, सीधे लाइन से बिजली लेने और अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का उपयोग करने के मामले सामने आए।
अमौसी जोन में कई लोग पकड़े गए
मुख्य अभियंता के अनुसार अमौसी जोन में अभियान के दौरान जिन लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया, उनमें मनीष कुमार, रिंकू, भास्कर यादव, दिलीप चौधरी निवासी पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, जेल रोड, आशियाना, नफीस, इमरान निवासी अनंत विहार, न्यू बस्ती, राजाजीपुरम, संध्या देवी, मनीष तिवारी निवासी साईं समृद्धि, सिकंदरपुर बंथरा, शशि दीक्षित निवासी योगीपुरम, डिप्टीखेड़ा तथा कुंवरपाल सिंह और किशोर कुमार कश्यप निवासी दिलबाग भपटामऊ शामिल हैं।जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति की जांच की तो कई स्थानों पर बिजली चोरी के अलग-अलग तरीके सामने आए। कुछ उपभोक्ता सीधे बिजली लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग कर रहे थे, जबकि कुछ मामलों में मीटर से छेड़छाड़ कर कम रीडिंग दिखाने का प्रयास किया जा रहा था।
लखनऊ सेंट्रल जोन में भी कार्रवाई
इसी तरह लखनऊ सेंट्रल जोन में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नजमे रहमान, परवीन, मेराज जहां और शाबिर हुसैन बिजली चोरी करते पाए गए। जांच टीम ने मौके पर ही आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिजली कनेक्शन काट दिए। इसके साथ ही संबंधित थानों में बिजली चोरी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।

तुरंत काटे गए कनेक्शन
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां बिजली चोरी पाई गई, उनके कनेक्शन तत्काल प्रभाव से विच्छेदित कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी करने वालों से नियमानुसार जुर्माना और बकाया राशि भी वसूली जाएगी। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की गई तो आगे कानूनी कार्रवाई और तेज की जाएगी।
राजस्व को हो रहा भारी नुकसान
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिजली चोरी के कारण विभाग को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इसका असर ईमानदारी से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। बिजली चोरी के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड बढ़ जाता है, जिससे बार-बार फॉल्ट और बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या उत्पन्न होती है।विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध भी है। इससे लाइन लॉस बढ़ता है और पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है।
विशेष अभियान रहेगा जारी
मुख्य अभियंता राम कुमार ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग की टीमें लगातार फील्ड में निरीक्षण कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी की शिकायतें अधिक मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों की मदद से मीटरों की जांच की जा रही है ताकि मीटर से छेड़छाड़ के मामलों का आसानी से पता लगाया जा सके।उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी इसी तरह औचक निरीक्षण करता रहेगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बिजली चोरी है दंडनीय अपराध
बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अवैध तरीके से बिजली का उपयोग न करें। यदि किसी क्षेत्र में बिजली चोरी की जानकारी हो तो विभाग को इसकी सूचना दें। विभाग ने कहा कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है, जिसमें जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है।
जनसहयोग से रुकेगी बिजली चोरी
अधिकारियों का कहना है कि केवल विभागीय कार्रवाई से बिजली चोरी पूरी तरह नहीं रोकी जा सकती। इसके लिए आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। यदि लोग बिजली चोरी की घटनाओं की सूचना समय पर दें तो ऐसे मामलों पर तेजी से अंकुश लगाया जा सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने और वैध कनेक्शन का ही उपयोग करने की अपील की है।बिजली विभाग का कहना है कि राजधानी में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। जिन इलाकों में बिजली चोरी की आशंका होगी, वहां बिना पूर्व सूचना के छापेमारी की जाएगी। विभाग का उद्देश्य राजस्व की सुरक्षा के साथ-साथ सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
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