अमेरिका की जांच एजेंसियों ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके नेटवर्क को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने भारत से लेकर विदेशों तक फैले उसके आपराधिक साम्राज्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) की ओर से कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई और उसके छह सहयोगियों पर हत्या, रंगदारी, मानव तस्करी और ड्रग तस्करी जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस चार्जशीट में भारत की कई हाई-प्रोफाइल घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, अभिनेता सलमान खान को धमकियां और खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड शामिल हैं।अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होने के बावजूद अपने गैंग को नियंत्रित कर रहा था। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर जेल के अंदर से तस्करी करके पहुंचाए गए मोबाइल फोन और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी VoIP तकनीक के जरिए अपने विदेशों में फैले नेटवर्क को निर्देश देता था। यही वजह है कि अमेरिका ने उसे सिर्फ भारत तक सीमित अपराधी नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट के प्रमुख के रूप में देखा है।

जेल में बंद गैंगस्टर पर अमेरिका ने क्यों लगाए इतने बड़े आरोप?
लॉरेंस बिश्नोई साल 2015 से भारतीय जेल में बंद है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अमेरिका ने 2022 से 2026 के बीच हुई घटनाओं के लिए उसे आरोपी कैसे बनाया? अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि जेल में रहने के बावजूद बिश्नोई ने अपने नेटवर्क के जरिए विदेशों तक अपराधों को अंजाम दिलाया।अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप एक ऐसा नेटवर्क बन चुका था, जिसके सदस्य भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में सक्रिय थे। आरोप है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल बड़े कारोबारियों, कलाकारों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने के लिए किया गया।
चार्जशीट में सलमान खान का नाम क्यों आया?
अमेरिकी चार्जशीट में अभिनेता सलमान खान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा गया है, बल्कि उन्हें संकेतों के जरिए ‘SK’ के रूप में बताया गया है। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि 2022 से 2026 के बीच बिश्नोई गैंग ने अभिनेता को निशाना बनाने की इच्छा जाहिर की थी।सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह 1998 का काला हिरण शिकार मामला माना जाता है। बिश्नोई समाज काले हिरण को धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है और इसी वजह से गैंग की ओर से कई बार सलमान खान को धमकियां मिलने की बात सामने आती रही है।अप्रैल 2024 में मुंबई स्थित सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग ने इस मामले को और गंभीर बना दिया था। अब अमेरिकी चार्जशीट में इस घटना और गैंग की गतिविधियों का जिक्र होने से जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में क्या दावा किया गया?
चार्जशीट में पंजाबी गायक और रैपर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की हत्या का भी जिक्र किया गया है। अमेरिकी दस्तावेजों में ‘SSS’ नाम का इस्तेमाल किया गया है, जिसे सिद्धू मूसेवाला से जोड़ा गया है।29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ का नाम सामने आया था। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी।मूसेवाला हत्याकांड ने पूरे देश को हिला दिया था, क्योंकि एक लोकप्रिय कलाकार को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था। अब अमेरिकी चार्जशीट में इसका उल्लेख होने से इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के एंगल से भी देखा जा रहा है।
हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जुड़ा कनेक्शन
अमेरिकी चार्जशीट में कनाडा में हुई खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी जिक्र है। दस्तावेजों के अनुसार, बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अमेरिकी जांच में दावा किया गया है कि इस हत्या में चार लोग शामिल थे, जिनमें दो लोगों ने गोली चलाई थी।इस मामले ने भारत-कनाडा संबंधों में भी तनाव पैदा किया था। अब अमेरिकी दस्तावेजों में इसका उल्लेख होने से बिश्नोई गैंग की कथित अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर फिर चर्चा तेज हो गई है।

गिप्पी ग्रेवाल को धमकी और रंगदारी का मामला
चार्जशीट में पंजाबी अभिनेता और गायक गिप्पी ग्रेवाल से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार, नवंबर 2023 में गिप्पी ग्रेवाल के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली थी।इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए धमकी भरे संदेश भी सामने आए थे। अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच गैंग की ओर से गिप्पी ग्रेवाल और उनके मैनेजर से संपर्क कर रंगदारी मांगने की कोशिश की गई।
अमेरिका में हत्या तक पहुंचा गैंग का नेटवर्क
अमेरिकी चार्जशीट में कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में हुई सुनील यादव की हत्या का भी जिक्र किया गया है। जांच दस्तावेजों के अनुसार, दिसंबर 2024 में हुई इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने बिश्नोई गैंग की ओर से ली थी।अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि गैंग का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी अपराधों को अंजाम देने की क्षमता रखता है।
कौन हैं बिश्नोई गैंग के प्रमुख चेहरे?
अमेरिकी जांच के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग को कई देशों में अलग-अलग लोग संचालित कर रहे थे। गोल्डी बराड़ को उत्तरी अमेरिका में और रोहित गोदारा को यूरोप में नेटवर्क संभालने वाला बताया गया है। वहीं सुखराज सिंह कांग को भारत में नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है।इसके अलावा राजन भट्टी, भुलवान और सुमित जैसे नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।
क्या अब बढ़ेगी लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें?
अमेरिकी चार्जशीट ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच का रास्ता खोल दिया है। अगर अमेरिकी एजेंसियों के आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक गैंगस्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकता है।जेल में बंद एक गैंगस्टर कैसे डिजिटल माध्यमों और विदेशों में बैठे सहयोगियों के जरिए अपना नेटवर्क चला सकता है, अमेरिकी जांच ने इसी सवाल को सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले समय में इस मामले में भारत और अमेरिका की जांच एजेंसियां किस तरह आगे बढ़ती हैं।
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