संवाददाता: मो. अरशद
मुरादाबाद उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के पहले दिन मुरादाबाद में परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के बाद प्रशासन के सामने परीक्षार्थियों की सुरक्षित और सुगम वापसी की चुनौती रही। पहली पाली की परीक्षा पूरी होने के बाद रेलवे स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के एक साथ स्टेशन पहुंचने से टिकट काउंटरों और परिसर में भीड़ बढ़ गई। ऐसे में जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी, ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परीक्षा की पहली पाली में करीब 67 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद परीक्षार्थियों की आवाजाही बढ़ गई। स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुविधा बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

परीक्षा के बाद रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
PET परीक्षा में शामिल होने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से अभ्यर्थियों के मुरादाबाद पहुंचने के कारण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई। पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र अपने घर लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे। एक साथ अधिक यात्रियों के पहुंचने से टिकट काउंटरों पर भीड़ दिखाई दी।ऐसी स्थिति में प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई, क्योंकि भीड़ के बीच यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखना जरूरी था। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर की व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा। उद्देश्य यही रहा कि परीक्षार्थियों को ट्रेन पकड़ने, टिकट लेने और स्टेशन परिसर में आवागमन के दौरान कम से कम परेशानी हो।परीक्षा जैसे बड़े आयोजन में यातायात और रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ना आम बात है। ऐसे में समय रहते व्यवस्था संभालना जरूरी होता है, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
DM और पुलिस अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था
परीक्षा के बाद बढ़ी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर नजर रखी, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और परीक्षार्थियों को सुविधा उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।जिला प्रशासन और पुलिस की सक्रियता का उद्देश्य स्टेशन परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यात्रियों की आवाजाही सुचारु रखना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना रहा। PET जैसी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है।अधिकारियों के निरीक्षण और व्यवस्थाओं से संबंधित सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें अंतिम रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी की बाइट मिलने पर प्रशासन की तैयारियों और परीक्षा के पहले दिन की स्थिति को लेकर उनका आधिकारिक पक्ष भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
टिकट काउंटरों की भीड़ कम करने के लिए रेलवन ऐप पर जोर
रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटरों पर बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए डिजिटल टिकट बुकिंग की सुविधा का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) से अनुरोध किया गया कि स्टेशन परिसर में रेलवन ऐप के QR कोड वाले फ्लेक्स प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं।इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षार्थियों को डिजिटल माध्यम से टिकट बुक करने की जानकारी देना है। यदि अभ्यर्थी मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक कर सकें, तो टिकट काउंटरों पर लगने वाली कतारों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।परीक्षा के बाद जल्द घर पहुंचने की कोशिश में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक ही समय पर टिकट लेने पहुंचते हैं। ऐसे में डिजिटल टिकटिंग के प्रति जागरूकता यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि, ऐप के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा और उसके इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
परीक्षार्थियों की वापसी के लिए 8 स्पेशल ट्रेनों की जानकारी
परीक्षा के बाद यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षार्थियों की वापसी के लिए आठ स्पेशल ट्रेनें संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। अतिरिक्त रेल सेवाओं का उद्देश्य यात्रियों के दबाव को संभालना और अभ्यर्थियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है।स्पेशल ट्रेनों की वास्तविक समय-सारणी, ठहराव और उपलब्धता के बारे में अभ्यर्थियों को रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं से जानकारी लेने की सलाह दी जानी चाहिए। इससे छात्रों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।परीक्षा के दिनों में ट्रेन सेवाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को सीमित समय में यात्रा करनी होती है। रेलवे और प्रशासन के बीच समन्वय से स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकता है।
महिला परीक्षार्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महिला अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष महिला कोचों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसके साथ ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीमों की तैनाती का उल्लेख किया गया है।रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिला परीक्षार्थियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर रेलवे सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करने की सुविधा भी मिलनी चाहिए।परीक्षा के दौरान प्रशासन के लिए केवल परीक्षा केंद्रों पर शांति बनाए रखना ही नहीं, बल्कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भी अहम जिम्मेदारी है।
पहली पाली के बाद स्थिति सामान्य रहने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद में पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और स्टेशन पर बढ़ी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन तथा पुलिस सक्रिय रहे। अधिकारियों की निगरानी, डिजिटल टिकटिंग के प्रति जागरूकता, अतिरिक्त ट्रेनों और सुरक्षा बलों की तैनाती को परीक्षार्थियों की सुविधा से जुड़ी प्रमुख व्यवस्थाओं के रूप में बताया गया है।आगामी पालियों में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और रेलवे के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। समय पर सूचना, भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देकर परीक्षार्थियों को राहत दी जा सकती है।
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