सीतापुर में सपा नेता के घर नोटिस! स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के होर्डिंग के बाद गरमाई सियासत

Editorial
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 सीतापुर उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के मकान पर प्रशासन द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शिवपुरी कॉलोनी स्थित उनके आवास सहित करीब 27 मकानों पर जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के तहत नोटिस लगाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि के स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सभी कब्जाधारकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।हालांकि इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हैं, क्योंकि हाल ही में अनूप गुप्ता ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ-रक्षार्थ यात्रा के समर्थन में शहरभर में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाए थे। ऐसे में सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को उस घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने ऐसी किसी भी राजनीतिक वजह की पुष्टि नहीं की है।

क्या है पूरा मामला?

बुधवार दोपहर तहसील प्रशासन की टीम ने सीतापुर शहर की शिवपुरी कॉलोनी पहुंचकर अनूप गुप्ता के मकान समेत आसपास के करीब 27 भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिए।नोटिस में कहा गया है कि संबंधित लगभग 25 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम छावनी गोरा बारीक के नाम दर्ज है। वर्तमान में इसी भूमि पर करीब 27 मकान बने हुए हैं। भूमि के स्वामित्व से जुड़ा मामला जिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सभी भवन स्वामियों को 24 जुलाई तक न्यायालय में उपस्थित होकर अपने स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का पक्ष: यह नियमित कानूनी प्रक्रिया

एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है।उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस दिया गया है, ताकि वे निर्धारित तिथि तक अपना पक्ष रख सकें। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर आगे का निर्णय करेगा।प्रशासन का कहना है कि फिलहाल यह केवल नोटिस जारी करने की प्रक्रिया है और इसे अंतिम कार्रवाई नहीं माना जाना चाहिए।

अनूप गुप्ता बोले— नोटिस पूरी तरह गलत, सभी दस्तावेज मौजूद

सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस तथ्यों के अनुरूप नहीं है।उनका कहना है कि उन्होंने वर्ष 2004 में संबंधित भूमि की विधिवत रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद भूमि का दाखिल-खारिज भी हुआ। इतना ही नहीं, करीब तीन वर्ष पहले सक्षम प्राधिकारी से भवन का नक्शा स्वीकृत होने के बाद ही निर्माण कार्य कराया गया।अनूप गुप्ता ने दावा किया कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और वे तय समय से पहले ही जिलाधिकारी न्यायालय में अपना जवाब दाखिल करेंगे।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के होर्डिंग के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू यह है कि हाल ही में अनूप गुप्ता ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ-रक्षार्थ यात्रा के स्वागत में शहर के विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाए थे।इन होर्डिंग्स की राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी। अब नोटिस की कार्रवाई के बाद कुछ लोग दोनों घटनाओं को जोड़कर देख रहे हैं और तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं।हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रमाण या पुष्टि उपलब्ध नहीं है कि नोटिस जारी करने और होर्डिंग लगाने की घटना के बीच कोई संबंध है। प्रशासन ने भी इसे केवल न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई नियमित कार्रवाई बताया है।

कानूनी प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी तस्वीर

भूमि विवाद से जुड़े मामलों में नोटिस जारी करना सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देना होता है।विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक न्यायालय सभी दस्तावेजों की जांच नहीं कर लेता, तब तक किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम नहीं माना जा सकता।यदि अनूप गुप्ता के दस्तावेज वैध पाए जाते हैं तो न्यायालय उनके पक्ष में निर्णय दे सकता है। वहीं यदि राजस्व अभिलेखों में कोई विसंगति पाई जाती है तो न्यायालय आगे की कार्रवाई का आदेश दे सकता है।

सीतापुर की राजनीति में बढ़ी हलचल

पूर्व विधायक के मकान पर नोटिस लगने के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस कार्रवाई पर सवाल उठा सकता है, जबकि प्रशासन इसे पूरी तरह न्यायालय के आदेश का पालन बता रहा है।अब सबकी नजर 24 जुलाई पर है, जब प्रभावित भवन स्वामी जिलाधिकारी न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल राजस्व अभिलेखों का विवाद है या इसमें आगे कोई बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।सीतापुर में सपा नेता अनूप गुप्ता समेत 27 मकानों पर नोटिस चस्पा होने से राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर प्रशासन इसे भूमि स्वामित्व विवाद से जुड़ी नियमित कानूनी प्रक्रिया बता रहा है, वहीं दूसरी ओर हाल ही में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा के समर्थन में लगाए गए होर्डिंग्स के कारण राजनीतिक अटकलें भी लगाई जा रही हैं। फिलहाल दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब इस मामले में आगे की दिशा न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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