कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 130 मौतें; 570 से ज्यादा घायल

Editorial
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कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के कारण अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि 570 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। सैकड़ों इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

 पश्चिमी हिस्से में आया शक्तिशाली भूकंप

दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप का सबसे ज्यादा असर देश के पश्चिमी हिस्से में स्थित चोको क्षेत्र और सैन जोस डेल पाल्मार के आसपास देखने को मिला। यह इलाका राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।भूकंप के तेज झटकों से बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियों की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बचाव अभियान चला रही हैं।

130 से ज्यादा लोगों की मौत, 570 से अधिक घायल

इस प्राकृतिक आपदा में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भूकंप से अब तक करीब 130 लोगों की मौत हुई है और 570 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई लोगों को स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।प्रशासन को आशंका है कि दूर-दराज के इलाकों में राहत टीमों के पहुंचने के बाद नुकसान और हताहतों की संख्या का सही आंकड़ा सामने आ सकता है। कई क्षेत्रों में संचार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।

USGS के मुताबिक 107 किलोमीटर गहराई में था भूकंप

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से करीब 107 किलोमीटर नीचे था। इतनी शक्तिशाली भूकंपीय गतिविधि के कारण कोलंबिया के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए।भूकंप के झटके पड़ोसी देशों इक्वाडोर, वेनेजुएला और पनामा में भी महसूस किए गए। हालांकि, कोलंबिया के बाहर किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

सरकार ने घोषित किया आपातकाल

भूकंप से पैदा हुए गंभीर हालात को देखते हुए कोलंबिया सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। सरकार की ओर से राहत और बचाव अभियान के लिए तत्काल फंड जारी किया गया है।राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रीला ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन इकाई (UNGRD) के क्राइसिस सेंटर से राहत अभियान की निगरानी की है। सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

चोको समेत कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान

भूकंप से चोको, रिसाराल्दा, वैले डेल कॉका और काल्डास समेत कई क्षेत्रों में नुकसान की खबर है। इन इलाकों में राष्ट्रीय और स्थानीय आपातकालीन टीमें लगातार काम कर रही हैं।कई जगहों पर क्षतिग्रस्त इमारतों को देखते हुए लोगों को घरों के अंदर जाने से बचने की सलाह दी गई है। संभावित आफ्टरशॉक को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राहतकर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

आफ्टरशॉक से भी बढ़ी चिंता

मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। रिपोर्ट के अनुसार 2.8 और 4.8 तीव्रता के झटके भी महसूस किए गए हैं।आफ्टरशॉक के कारण पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के और क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।

पिछले 10 वर्षों में सबसे शक्तिशाली भूकंप!

कोलंबिया की भूवैज्ञानिक सेवा के अनुसार, यह पिछले करीब 10 वर्षों में देश में दर्ज किए गए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। भूकंप की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों ने नुकसान की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की नजर अब आफ्टरशॉक और प्रभावित इलाकों में संभावित नए नुकसान पर है।

राहत कार्यों में क्यों आ रही परेशानी?

कोलंबिया का चोको क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कई इलाकों में सड़क और परिवहन व्यवस्था सीमित है। पहाड़ी और दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचना राहत टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।भूकंप के कारण कुछ स्थानों पर सड़कें और दूसरी आधारभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऐसे में राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को प्रभावित गांवों तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय लग रहा है।

खुले में रहने को मजबूर लोग

भूकंप के बाद कई परिवार अपने घरों को लेकर डरे हुए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों के दोबारा गिरने की आशंका के चलते लोग खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। राहत शिविरों में जरूरत के मुताबिक भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार की नजर राहत अभियान पर

कोलंबिया सरकार ने साफ किया है कि इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राहत एजेंसियों को नुकसान का विस्तृत आकलन करने और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। आने वाले घंटों में नुकसान और मृतकों की संख्या को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।कोलंबिया में भूकंप ने देश के पश्चिमी हिस्से में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 7.4 तीव्रता के इस शक्तिशाली भूकंप में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत और 570 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सैकड़ों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है और राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती दूर-दराज के प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना और आफ्टरशॉक के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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