पत्रकारों की पेंशन पर अवनीश अवस्थी का आश्वासन, 60 वर्ष से ऊपर के पत्रकारों पर जोर

Editorial
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लखनऊ उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की पेंशन, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर आवाज उठी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों को पेंशन का लाभ दिलाने के लिए उचित मंच पर पैरवी करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सूचना और निदेशक सूचना से बातचीत की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अगले सप्ताह यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने की बात भी कही। उनका प्रयास रहेगा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के पत्रकारों को पेंशन संबंधी लाभ दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल हो सके।अवनीश अवस्थी बुधवार को लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की ओर से आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के 76वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, पहचान और सुरक्षा कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान पत्रकारों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम मुख्य अतिथि को सौंपा गया।

60 वर्ष से अधिक उम्र के पत्रकारों की पेंशन पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन का विषय महत्वपूर्ण है और इस दिशा में उनके स्तर से जो भी संभव होगा, वह प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित मुद्दे पर अपर मुख्य सचिव सूचना और निदेशक सूचना से वार्ता की जाएगी।उन्होंने अगले सप्ताह यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने का भी आश्वासन दिया। इस बैठक में पत्रकारों की समस्याओं और पेंशन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के पत्रकारों को इस संबंध में लाभान्वित करने की दिशा में काम हो।पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चर्चाओं में शामिल रहा है। पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले अनेक लोगों के सामने उम्र बढ़ने के साथ नियमित आय और आर्थिक सुरक्षा की चुनौती आती है। ऐसे में पेंशन जैसी व्यवस्था को लेकर पत्रकार संगठनों की मांग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम में दिया गया आश्वासन अभी पेंशन योजना लागू होने या पात्रता तय होने की औपचारिक घोषणा नहीं है। इस दिशा में आगे की प्रक्रिया और सरकार के स्तर पर होने वाले निर्णयों की जानकारी का इंतजार रहेगा।

पत्रकारों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाने की मांग का समर्थन

कार्यक्रम में पत्रकारों की पहचान से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रजिस्टर तैयार करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की बुनियादी पहचान को व्यवस्थित करना जरूरी है और राष्ट्रीय स्तर पर रजिस्टर बनने से इससे जुड़े कई कामों में मदद मिल सकती है।राष्ट्रीय रजिस्टर की मांग का उद्देश्य पत्रकारों की पहचान और उनके पेशेवर विवरण को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने की व्यवस्था विकसित करना है। इससे पत्रकारों की पहचान, कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच और विभिन्न स्तरों पर उनकी समस्याओं को समझने में सहायता मिल सकती है।IFWJ के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने भी पत्रकारों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस पहल होनी चाहिए।पत्रकारों की सुरक्षा का विषय इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रिपोर्टिंग के दौरान कई बार पत्रकारों को दबाव, धमकी या अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पत्रकार संगठनों की मांग है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।

पत्रकार सुरक्षा पर गोष्ठी, समस्याओं के समाधान की मांग

स्थापना दिवस कार्यक्रम के साथ पत्रकार सुरक्षा विषय पर एक गोष्ठी भी आयोजित की गई। इसमें पत्रकारों की कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे IFWJ के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को उचित स्तर पर उठाने और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।इस दौरान पत्रकारों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी प्रधानमंत्री के नाम मुख्य अतिथि अवनीश अवस्थी को सौंपा गया। ज्ञापन के जरिए पत्रकारों की पेंशन, सुरक्षा और अन्य समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया।

पवन सिंह चौहान बोले- पत्रकारों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने भी पत्रकारों की समस्याओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों से जुड़ी समस्याएं जायज हैं और उनका समाधान होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों को समाजसेवी बताते हुए कहा कि वे आलोचनाओं और अभावों के बावजूद जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहते हैं।पवन सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा हो या पेंशन का विषय, इन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह पत्रकारों की समस्याओं के निवारण के लिए काम करेंगे और इन मुद्दों को सरकार के सामने रखेंगे।उनके इस वक्तव्य के बाद कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों की पेंशन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा आगे बढ़ी। पत्रकार संगठनों की अपेक्षा है कि इन मांगों पर संबंधित स्तर पर विचार कर ठोस निर्णय लिए जाएं।

खेल विभाग से बातचीत कर लाभ दिलाने का भी आश्वासन

अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों को लाभान्वित करने के लिए खेल विभाग से बातचीत करने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, खेल विभाग से संबंधित संभावित लाभों और उनकी पात्रता के बारे में कार्यक्रम में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।इस पहल के संबंध में आगे होने वाली बातचीत और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। पत्रकार संगठनों को उम्मीद है कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के जरिए पत्रकारों के हित में उपलब्ध सुविधाओं और संभावनाओं पर विचार किया जा सकेगा।

कई पत्रकार और संगठन पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी, यूपी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार सिंह, राष्ट्रीय महासचिव विश्वदेव राव, प्रदेश महामंत्री देवराज सिंह और लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने भी अपने विचार रखे।इसके अलावा महामंत्री नितिन श्रीवास्तव, प्रेम कांत तिवारी, विजय शंकर पंकज, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य रजा रिजवी, भास्कर दुबे, सुरेश यादव, सर्वेश तिवारी, अविनाश शुक्ला, अनिल सैनी, मोहम्मद जुबेर, पवन कुमार सिंह, रेनू निगम, नायला किदवाई, जेपी शुक्ला, सूर्य नारायण सिंह, कलानिधि मिश्रा, महिमा तिवारी, मुकुल मिश्रा, राकेश सिंह चौहान, अनिल त्रिपाठी, मोहम्मद जान तुर्की, विजय प्रकाश मिश्रा, आशीष कुमार सिंह, टीएन मिश्रा, भाजपा नेता प्रदीप सिंह बब्बू, सुमति सक्सेना, सुरेंद्र अग्निहोत्री, गंगेश मिश्रा, विजय मिश्रा और मोहम्मद तारिक फारुकी सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

अब अगले सप्ताह की बैठक पर टिकी निगाहें

IFWJ के 76वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पत्रकारों की पेंशन, राष्ट्रीय रजिस्टर और सुरक्षा कानून जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। अवनीश अवस्थी की ओर से अगले सप्ताह पत्रकार संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक और संबंधित अधिकारियों से वार्ता का आश्वासन दिया गया है।अब पत्रकारों की निगाहें प्रस्तावित बैठक और पेंशन संबंधी मांग पर आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी। फिलहाल, कार्यक्रम में दिए गए आश्वासन को इन मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पेंशन का लाभ किन पत्रकारों को मिलेगा, पात्रता क्या होगी और इस संबंध में औपचारिक निर्णय कब लिया जाएगा, यह आगे की प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।

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