
पश्चिम एशिया में भड़क रही जंग की चिंगारी अब निर्दोष नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय ठिकानों को अपना निशाना बनाने लगी है, जिसका एक बेहद खौफनाक मंजर कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला। दुश्मन के आत्मघाती ड्रोनों ने हवाई अड्डे के टर्मिनल एक को निशाना बनाते हुए ऐसा भीषण हमला किया जिसने पूरे एयरपोर्ट को दहला कर रख दिया। इस ड्रोन हमले से न सिर्फ यात्री भवन को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि कई लोग मलबे और धमाके की चपेट में आकर लहूलुहान हो गए। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह है कि इस अंतरराष्ट्रीय खूनी खेल में एक बेकसूर भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। युद्ध के इस खौफनाक माहौल के बीच, कुवैत में भारत की राजदूत पारमिता त्रिपाठी ने तुरंत मोर्चा संभाला और बुधवार को अस्पतालों का दौरा कर घायल भारतीयों से मुलाकात की। उन्होंने खून से सने बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रहे घायलों को ढांढस बंधाया और साफ लफ्जों में भरोसा दिया कि भारत सरकार और दूतावास उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है और उन्हें हर मुमकिन चिकित्सा व अन्य सहायता पहुंचाई जाएगी।

राजदूत पारमिता त्रिपाठी सिर्फ अस्पतालों तक ही नहीं रुकीं, बल्कि वह कुवैत के सेंट्रल मॉर्चुरी (शवगृह) भी पहुंचीं, जहां इस कायराना हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक का पार्थिव शरीर रखा गया है। वहां का मंजर बेहद गमगीन था। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस संवेदनशील दौरे की तस्वीरें और जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे मृतक के परिवार के साथ पल-पल के संपर्क में हैं। विदेशी धरती पर मारे गए अपने नागरिक के शव को पूरे सम्मान के साथ जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए कुवैत प्रशासन के साथ युद्ध स्तर पर तालमेल बिठाया जा रहा है। राजदूत ने क्रिमिनल एविडेंस विभाग के जनरल मैनेजर ब्रिगेडियर अब्दुल रहीम अल-अवधी से भी विशेष मुलाकात की और इस बेहद संवेदनशील और दुखद घड़ी में कुवैती प्रशासन द्वारा दिखाई गई त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के लिए भारत की तरफ से आभार व्यक्त किया।

इस भीषण ड्रोन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूचाल आ गया है और भारत सरकार ने इस पर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस हमले की सबसे कड़े शब्दों में थू-थू की है और निंदा की है। भारत ने मारे गए नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दो टूक कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी विनाशकारी संघर्ष के बीच किसी भी कीमत पर आम जनता और नागरिक बुनियादी ढांचे (नागरिक सुविधाओं) को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने वैश्विक मंच से एक बार फिर हुंकार भरते हुए सभी युद्धरत पक्षों से ऐसे आत्मघाती और कायराना हमलों को तुरंत रोकने की पुरजोर अपील की है।
दूसरी तरफ इस हमले के बाद कुवैत और ईरान के बीच तलवारें खिंच गई हैं और दोनों देशों के बयान इस संकट को और ज्यादा भड़का रहे हैं। कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने इस तबाही की सीधी उंगली ईरान पर उठाते हुए इसे साफ तौर पर ‘ईरानी आक्रामकता’ करार दिया है। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि कुवैत की सेना अब पूरी तरह से ‘हाई अलर्ट’ पर है और देश की संप्रभुता व नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। वहीं, दूसरी ओर ईरान ने इस हमले पर घी डालने का काम करते हुए इसे जायज ठहराने की कोशिश की है और बयान जारी कर कहा है कि यह हमला अमेरिका के खिलाफ उसकी एक बड़ी ‘जवाबी कार्रवाई’ का हिस्सा है। महाशक्तियों और पड़ोसी मुल्कों की इस खूनी जंग में बेकसूर भारतीय पिस रहे हैं, जिसने अब भारत की चिंताएं सातवें आसमान पर पहुंचा दी हैं।
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