फर्रुखाबाद में UGC के कथित काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पर गरजा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा

Editorial
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रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित

फर्रुखाबाद  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के कथित नए नियमों के विरोध में मंगलवार को फर्रुखाबाद कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सरकार तथा यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कथित जनविरोधी नियमों को वापस लेने की मांग उठाई।प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे और जिला प्रभारी देवेश नारायण अवस्थी ने किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा से जुड़े किसी भी ऐसे नियम को स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिसे संगठन छात्र और युवा हितों के खिलाफ मानता है।

कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे कार्यकर्ता

मंगलवार को राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और धरने पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और यूजीसी के खिलाफ नारे लगाए।संगठन के नेताओं ने कहा कि यूजीसी से जुड़े कथित नए नियमों को लेकर छात्रों और युवाओं के बीच असंतोष है। मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि नियमों पर दोबारा विचार किया जाए और जिन प्रावधानों को संगठन जनविरोधी मानता है, उन्हें वापस लिया जाए।प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते माहौल काफी सक्रिय रहा। संगठन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आंदोलन केवल एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा।

फर्रुखाबाद में UGC के कथित काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन
फर्रुखाबाद में UGC के कथित काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन

जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे ने क्या कहा?

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे ने कहा कि यूजीसी के कथित नए नियम शिक्षा व्यवस्था और छात्र-युवाओं के हितों के खिलाफ हैं। उनके मुताबिक, यदि किसी नियम से छात्रों और युवाओं के हित प्रभावित होते हैं तो उसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जरूरी है।अभिषेक दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक संगठन की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठाता रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक स्तर तक ले जाने का फैसला किया जा सकता है।

अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे का भी किया जिक्र

प्रदर्शन के दौरान अभिषेक दुबे ने अलंकार अग्निहोत्री के पद से इस्तीफा देकर आंदोलन के समर्थन में आने का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से छात्रों और युवाओं के बीच आंदोलन को लेकर नई ऊर्जा पैदा हुई है।मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि संगठन की ओर से उठाए जा रहे मुद्दे व्यापक जनहित से जुड़े हुए हैं और इन्हें लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।हालांकि यूजीसी के नियमों और उनके प्रभाव को लेकर मोर्चे की ओर से लगाए गए आरोप संगठन के दावों पर आधारित हैं। संबंधित नियमों की आधिकारिक स्थिति और सरकार या यूजीसी की ओर से इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी

धरने को संबोधित करने वाले अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी सरकार से यूजीसी से जुड़े कथित नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।मोर्चा नेताओं ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाता रहेगा। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से भी संगठन के अभियान को मजबूती देने की अपील की।प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि यूजीसी के कथित नियमों का मुद्दा आने वाले दिनों में भी संगठन के आंदोलन का प्रमुख विषय बना रहेगा।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में जिला प्रभारी देवेश नारायण अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष राजीव दुबे, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता वेद प्रकाश शुक्ला, जिला आध्यात्मिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष कैप्टन संजीव कुमार अग्निहोत्री, सैनिक प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र त्रिपाठी, जिला सचिव आशुतोष मिश्रा, जिला प्रवक्ता डॉ. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष नानकराम दुबे और जिला मंत्री संजू दीक्षित मौजूद रहे।इसके अलावा नवाबगंज ब्लॉक अध्यक्ष अनिल सिकंदर मिश्रा, जिला कोषाध्यक्ष शिवम बाजपेई, फतेहगढ़ नगर अध्यक्ष दीपक गुप्ता, अधिवक्ता नरेंद्र देव तिवारी, भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी, जतिन नारायण अवस्थी, अमन श्रीवास्तव और हर्षित वाल्मीकि समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक धरने में शामिल हुए।

मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त करने से पहले एक बार फिर अपनी मांग दोहराई। नेताओं ने कहा कि जब तक यूजीसी के कथित नियमों को लेकर उनकी आपत्तियों पर सरकार की ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।संगठन ने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाने और इसे व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

फर्रुखाबाद में प्रदर्शन से गरमाया मुद्दा

यूजीसी के कथित नियमों के खिलाफ फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का यह प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता को दर्शाता है। कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस धरना-प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।अब निगाह इस बात पर रहेगी कि यूजीसी और केंद्र सरकार की ओर से संगठन की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी करेगा।

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