रिपोर्ट :दीपचंद्र दीक्षित
फर्रुखाबाद में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिजली चोरी की जांच के दौरान विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने जेई को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से उनकी पिटाई कर दी। घटना में जेई की आंख में चोट लगने और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर होने का आरोप लगाया गया है। यही नहीं, जांच से संबंधित सरकारी कागजात भी छीनने की बात सामने आई है।ड्यूटी के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारी के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश है। जेई और उपखंड अधिकारी की ओर से फतेहगढ़ कोतवाली में शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिजली चोरी की शिकायत पर जांच करने पहुंची थी टीम
जानकारी के मुताबिक 33/11 केवी उपकेंद्र डिवीजन फतेहगढ़ के अवर अभियंता मुख्तार हुसैन और विद्युत नगरीय उपखंड प्रथम फतेहगढ़ के उपखंड अधिकारी अजय कुमार को लोको रोड स्थित बरसाती गैरेज के पास बिजली चोरी की शिकायत मिली थी।शिकायत मिलने के बाद दोनों अधिकारी दोपहर करीब दो बजे मौके पर पहुंचे। विभागीय टीम ने वहां पहुंचकर बिजली कनेक्शन और आपूर्ति से संबंधित स्थिति की जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित तौर पर बिजली चोरी से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद जेई आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाने लगे।इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों और विद्युत अधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया।

जांच का विरोध करने का आरोप
शिकायती पत्र के अनुसार, बिजली चोरी की जांच का भवन के मुखिया सुभाष चंद्र अहिरवार, उनके पुत्र रजत और अन्य परिजनों ने विरोध किया। आरोप है कि शुरुआत में जांच को लेकर कहासुनी हुई और बाद में मामला विवाद में बदल गया।बताया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने जेई मुख्तार हुसैन को पकड़ लिया। आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और इसके बाद मारपीट शुरू कर दी गई।जेई का आरोप है कि उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना के दौरान जांच से संबंधित सरकारी कागजात छीने जाने का भी आरोप लगाया गया है।
जेई के हाथ में फ्रैक्चर और आंख में चोट का आरोप
मारपीट की घटना में जेई मुख्तार हुसैन के घायल होने की बात सामने आई है। फतेहगढ़ कोतवाली में दिए गए शिकायती पत्र में जेई ने बताया कि उनकी आंख में चोट लगी है और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया है।जेई ने यह भी बताया कि वह हृदय रोगी हैं। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। चोटों की गंभीरता और उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगी।घटना के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे अधिकारी के साथ मारपीट गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

बिजली विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश
जेई के साथ मारपीट की जानकारी सामने आने के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि विभाग की टीमें बिजली चोरी और अनियमितताओं की जांच के लिए मौके पर जाती हैं। यदि जांच के दौरान अधिकारियों के साथ मारपीट या दबाव बनाने की घटनाएं होंगी तो विभागीय कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
जेई और एसडीओ ने दी तहरीर
घटना के संबंध में अवर अभियंता मुख्तार हुसैन और उपखंड अधिकारी अजय कुमार की ओर से संयुक्त रूप से फतेहगढ़ कोतवाली में शिकायती पत्र दिया गया है। इसमें कथित मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कागजात छीने जाने और जांच में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई पर भी उठे सवाल
फर्रुखाबाद में सामने आई यह घटना बिजली चोरी के खिलाफ चल रही जांच और कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े करती है। बिजली चोरी से विभाग को आर्थिक नुकसान होता है, वहीं इसे रोकने के लिए विभागीय टीमें लगातार जांच अभियान चलाती हैं।ऐसे अभियानों के दौरान अधिकारियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद की स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, किसी भी सरकारी जांच या कार्रवाई का विरोध कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, विभागीय टीमों से भी अपेक्षा रहती है कि वे जांच की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करें।इस मामले में पुलिस की जांच के बाद घटना की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल जेई की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी लेने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।सबसे अहम बात यह होगी कि चिकित्सकीय रिपोर्ट में जेई को लगी चोटों की क्या स्थिति सामने आती है और जांच के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।फर्रुखाबाद में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे जेई से मारपीट का मामला विद्युत विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभागीय कर्मचारियों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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