साधु हत्याकांड का खूनी खेल खत्म! पुलिस से भिड़ा एक लाख का इनामी इजराइल मुठभेड़ में ढेर

Editorial
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उन्नाव में साधु की हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपी का आखिरकार पुलिस से आमना-सामना हो गया। देर रात हुई मुठभेड़ में आरोपी इजराइल उर्फ इसराइल पुलिस की गोली से ढेर हो गया। हालांकि इस दौरान आरोपी की फायरिंग में एसओजी टीम का एक सिपाही घायल हो गया, जबकि एक उपनिरीक्षक की जान बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचा ली। मुठभेड़ की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। यह मुठभेड़ उस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ी है जिसने बीते दिनों उन्नाव में लोगों को झकझोर कर रख दिया था। कोतवाली क्षेत्र के घूरे टोला मोहल्ले में रहने वाले साधु मिलनदास की नौ जून को चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि इलाके में दहशत फैल गई थी। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र ने पांच नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी इजराइल उर्फ इसराइल और उसका साथी शानू फरार चल रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। रविवार देर रात पुलिस को एक अहम सूचना मिली, जिसने पूरे ऑपरेशन की दिशा बदल दी। सूचना थी कि साधु हत्याकांड का मुख्य आरोपी इजराइल बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर अंडरपास के पास अपने किसी साथी का इंतजार कर रहा है।जानकारी मिलते ही एसओजी और बांगरमऊ कोतवाली पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। रात करीब 3:40 बजे आगरा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी सर्विस रोड के पास पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम धीरे-धीरे आरोपी के करीब पहुंची और उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। लेकिन आरोपी ने हथियार डालने के बजाय पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोपी की एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। अगर जैकेट नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं दूसरी गोली एसओजी के आरक्षी विकास भदोरिया के बाएं हाथ में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल सिपाही को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।पुलिस पर लगातार हो रही फायरिंग के बीच जवाबी कार्रवाई की गई। आत्मरक्षा में चलाई गई गोली सीधे आरोपी इजराइल के सीने और माथे में लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही साधु हत्याकांड के मुख्य आरोपी का अंत हो गया।

 

घटनास्थल से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल होने की आशंका वाला एक चाकू, एक तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस को जैसे ही उसकी लोकेशन की जानकारी मिली, टीम ने पूरी रणनीति के साथ कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने पहले पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। मामले की जांच की जा रही है और फरार दूसरे आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है।इस मुठभेड़ के दौरान एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ संतोष सिंह, एसओजी प्रभारी जयप्रकाश यादव और बांगरमऊ कोतवाल अखिलेश पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे कानून का सख्त संदेश बता रहे हैं, तो कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल भी उठा रहे हैं।फिलहाल साधु मिलनदास की हत्या के बाद जो गुस्सा और डर लोगों के बीच था, उसमें इस मुठभेड़ के बाद कुछ राहत जरूर महसूस की जा रही है। हालांकि अभी भी एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। उन्नाव पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा करेगी।देर रात हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है और कानून से बच निकलना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है।

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